नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) दिल्ली में 64 लाख से अधिक लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने इस योजना को दिसंबर 2028 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 14,28,475 परिवारों के कुल 64,93,601 लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। इनमें से 62,46,786 लाभार्थी ‘प्राथमिकता वाले परिवार’ (पीपीएच) श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, जबकि 2,46,815 लाभार्थी ‘अंत्योदय अन्न योजना’ (एएवाई) के तहत आते हैं, जो सबसे गरीब परिवारों के लिए है।
अधिकारियों ने बताया कि कई परिवारों के लिए पीडीएस जीवन रेखा का काम करता है।
राशन वितरण के प्रबंधन के लिए दिल्ली को 13 जिलों और 70 सर्कल में बांटा गया है, जो विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप हैं। राशन मायापुरी, ओखला, पूसा, नरेला, घेवरा और शक्तिनगर में स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के छह गोदामों के माध्यम से वितरित किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा संचालित गाजीपुर और सिरसपुर में चीनी के दो गोदाम हैं।
वर्तमान पात्रता के अनुसार, एएवाई कार्डधारकों को प्रति कार्ड हर महीने 28 किलो गेहूं, सात किलो चावल और एक किलो चीनी मिलती है। वहीं, पीपीएच श्रेणी के लाभार्थियों को प्रति यूनिट चार किलो गेहूं और एक किलो चावल दिया जाता है।
केंद्र सरकार ने एक जनवरी, 2024 से इस योजना के तहत मुफ्त राशन वितरण की अवधि पांच वर्ष के लिए बढ़ा दी है, जिससे यह दिसंबर 2028 तक उपलब्ध रहेगा।
भाषा
प्रचेता गोला
गोला