नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि तकनीकी खराबी और रखरखाव में देरी के कारण इस साल 25 मार्च तक 99 विमानों को उड़ान भरने से रोका गया।
नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया, ‘‘तकनीकी खराबी या रखरखाव में देरी के कारण 2023 में 356; 2024 में 414; 2025 में 567 और 2026 में (25 मार्च तक) 99 विमानों को उड़ान भरने से रोका गया।’’
मोहोल ने अपने उत्तर में यह भी कहा कि कुल मिलाकर भारतीय विमानन क्षेत्र में पायलट या चालक दल के सदस्यों की कोई कमी नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ प्रकार के विमानों को लेकर अनुभवी पायलट की कमी है, जिसे विदेशी पायलट को नियुक्त करके पूरा किया जा रहा है।
मंत्री ने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण भारतीय विमानन कंपनियों को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न जोखिमों के मद्देनजर यात्रियों, चालक दल और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई परामर्श जारी किए हैं।
डीजीसीए उड़ानों के परिचालन पर कड़ी निगरानी रख रहा है, वहीं पश्चिम एशियाई देशों में स्थित भारतीय दूतावास फंसे हुए भारतीय नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए वहां की सरकारों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
भाषा अविनाश सुभाष
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