नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार की कक्षा नौ की छात्राओं के लिए साइकिल वितरण योजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कहा कि यदि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस मामले में कार्रवाई नहीं करती हैं, तो वह भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का रुख करेगी।
‘आप’ के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि ‘विद्या वाहिनी’ योजना के तहत वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता निविदा में उल्लेखित मानकों से काफी खराब है।
उन्होंने दावा किया कि इन साइकिलों में प्लास्टिक के ब्रेक, ढीले रिम समेत कई अन्य कमियां हैं।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि ‘विद्या वाहिनी’ योजना के तहत साइकिलों की खरीद सरकारी पोर्टल के जरिए पूरी पारदर्शिता से की गई है। इसके साथ ही उन्होंने ‘आप’ के विधायकों के आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपने नेता अरविंद केजरीवाल के प्रति वफादारी साबित करने की कोशिश करार दिया।
सूद ने ‘धुरंधर’ फिल्म में रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए किरदार हमजा अली माजरी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘साइकिल, चावल और दवाओं की खरीद को लेकर लगाए जा रहे ये सभी आरोप उनकी विफलताओं को छिपाने और हमजा की तरह अपने नेता के सामने यह साबित करने की कोशिश है कि वे उनके आदमी हैं।’’
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि निविदा में जिस ‘स्काईलाइन’ साइकिल का उल्लेख किया गया है, उसका उत्पादन पिछले साल बंद हो चुका है और वह अब बाजार में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल छात्राओं को ‘इलफिट’ ब्रांड की साइकिलें वितरित की जा रही हैं।
उन्होंने निविदा में निर्धारित मानकों और आपूर्ति की गई साइकिलों के बीच अंतर पर सवाल उठाते हुए सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की।
आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि सरकार को इन आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि मामले को नहीं सुलझाया गया तो पार्टी भ्रष्टाचार निरोधक शाखा या सीबीआई का रुख करेगी और शिकायत दर्ज कराएगी।’’
भारद्वाज ने कहा कि वह आरोपों के समर्थन में सभी दस्तावेज सरकार को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं और सरकार से उनकी सत्यता की जांच करने को कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री गुप्ता और मंत्री सूद के सामने दोनों साइकिलें पेश कर सकते हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता और तय मानकों में कथित अंतर को प्रदर्शित किया जा सके।
भाषा प्रचेता रवि कांत