गुरुग्राम, 16 मई (भाषा) नूंह जिले से होकर गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नूंह पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिक्रमण रोधी अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिनों से जारी इस अभियान के परिणामस्वरूप एक्सप्रेसवे के किनारे पर स्थित दो दर्जन से अधिक अवैध भोजनालयों, होटलों, टायर पंचर मरम्मत की दुकानों और अन्य अस्थायी ढांचों को ध्वस्त किया गया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रशासन का मानना है कि इन अवैध निर्माण के कारण चालक सड़क किनारे रुक जाते हैं, और अवैध पार्किंग से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
यह अभियान बृहस्पतिवार को नूंह सदर पुलिस थाना क्षेत्र में शुरू हुआ और फिर रोजका मेओ, पिनांगवान, नगीना और फिरोजपुर झिरका पुलिस थाना क्षेत्रों को इसके तहत शामिल किया गया। स्थानीय लोगों ने कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रखी।
हाल ही में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर एक सड़क दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के चार पुलिस अधिकारियों सहित पांच लोगों की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का एक प्रमुख कारण सड़क किनारे अवैध रूप से वाहनों का खड़ा किया जाना पाया गया है।
पुलिस ने कहा, इसके बाद प्रशासन ने दोनों एक्सप्रेसवे पर अवैध भोजनालयों और अन्य तरह के अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
भाषा तान्या संतोष
संतोष