Amit Shah Parliament Speech / Image Source : SCRENGRAB
नई दिल्ली : Amit Shah Parliament Speech महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज कर दिया। शाह ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने ही दशकों तक सीटों की संख्या को फ्रीज रखा, जिससे आज मतदाताओं की संख्या और जनप्रतिनिधियों के अनुपात में भारी असंतुलन पैदा हो गया है।
अमित शाह ने बताया कि 1971 में कांग्रेस सरकार के दौरान सीटों की संख्या को फ्रीज किया गया था। इसके बाद 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने परिसीमन बिल लाकर सीटों की संख्या 525 से बढ़ाकर 545 की, लेकिन फिर उस पर रोक लगा दी। उन्होंने आगे जानकारी दी कि 2001 में 84वें संशोधन के जरिए सीटों की संख्या को 2026 तक के लिए फ्रीज कर दिया गया था। शाह ने सवाल उठाया कि “जो लोग पूछ रहे हैं कि नारी शक्ति वंदन एक्ट में 2026 कहां से आया, वे जान लें कि यह पहले से तय था।”
गृह मंत्री ने मतदाताओं के असंतुलन पर आंकड़े पेश करते हुए कहा कि तेलंगाना के मल्काजगिरी में 48 लाख वोटर हैं, जबकि कई जगहों पर 6 लाख वोटर पर ही एक सांसद है। गाजियाबाद में 28 लाख और करीब 127 सीटों पर 20 लाख से ज्यादा वोटर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर विपक्ष परिसीमन करने दे, तो एक की जगह दो सीटें आ जाएंगी और प्रतिनिधित्व सही होगा।”उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण को सही तरीके से लागू किया जा सकेगा।