नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) अभिनेता अनुपम खेर ने आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक उत्कृष्ट फिल्म ही नहीं बल्कि एक अनुभव और भावना का संगम है।
धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ की अगली कड़ी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बृहस्पतिवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म देश के सिनेमाघरों की टिकट खिड़की पर 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है।
फिल्म में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म में आर माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी भी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज हुई है।
खेर ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया।
अभिनेता ने अपनी पोस्ट में लिखा, “धुरंधर जबरदस्त है! आदित्य धर एक रॉकस्टार हैं! कभी-कभी शब्द कम पड़ जाते हैं। आप फिल्म देखकर बाहर निकलते हैं… और आपके भीतर एक खामोशी छा जाती है जो सब कुछ कह देती है। धुरंधर देखने का अनुभव कुछ ऐसा ही था। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है। यह एक अनुभव है। एक भावना है। एक ऐसी यात्रा जो चुपचाप आपके दिल में उतर जाती है और फिर जाने से इनकार कर देती है। ‘धुरंधर’ में ऐसे कई पल हैं जो सिर्फ स्क्रीन पर नहीं दिखते—वे आपके साथ रहते हैं।”
उन्होंने कहा, “मैंने इस पोस्ट के साथ साझा किए गए वीडियो में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की कोशिश की है… लेकिन सच कहूं तो, मैं और भी बहुत कुछ कह सकता था। क्योंकि कुछ कहानियां वर्णन के लिए नहीं होतीं! उन्हें महसूस किया जाना चाहिए। ‘धुरंधर’ ऐसी ही एक कहानी है। इतनी शक्तिशाली, इतनी जादुई, इतनी भावपूर्ण और इतनी मानवीय रचना करने के लिए पूरी टीम को बधाई। इस फिल्म को जरूर देखें। इसे महसूस करें। और फिर इस पर विचार करें। हर ‘भारतीय’ को इस फिल्म पर गर्व होगा। जय हिंद।’’
रणवीर सिंह ने वीडियो पर एक टिप्पणी की और उन्होंने अभिनेता खेर को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘‘यह देख कर मेरे पास शब्दों की कमी हो गई है। आप की कलाकारी से प्रेरित होकर बड़े हुए हैं सर। आपका ऐसा कहना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। आपको कोटि कोटि प्रणाम सर।’’
कराची के लयारी कस्बे (जो गिरोहों के बीच लड़ाई और हिंसक क्षेत्रीय संघर्ष से जुड़े अपने इतिहास के लिए जाना जाता है) पर आधारित ‘धुरंधर’ की कहानी कंधार विमान अपहरण, 2001 के संसद हमले और 26/11 मुंबई हमलों जैसी भू-राजनीतिक और आतंकी घटनाओं की पृष्ठभूमि में गुप्त खुफिया अभियानों के इर्द-गिर्द घूमती है।
यह सीक्वल सिंह के किरदार हमजा अली मजारी के कराची के अंडरवर्ल्ड में उदय की कहानी बयां करता है, साथ ही जसकिरत सिंह रांगी के रूप में उसकी पृष्ठभूमि को भी उजागर करता है, और उस नौजवान के सफर को दिखाता है जो अंततः एक खुफिया जासूस बन जाता है।
फिल्म का निर्माण ज्योति देशपांडे और लोकेश धर ने किया है।
भाषा तान्या संतोष
संतोष
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