अशोक गहलोत ने राजस्थान के हर संभाग में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान खोलने की मांग की

अशोक गहलोत ने राजस्थान के हर संभाग में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान खोलने की मांग की

अशोक गहलोत ने राजस्थान के हर संभाग में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान खोलने की मांग की
Modified Date: July 17, 2026 / 06:22 pm IST
Published Date: July 17, 2026 6:22 pm IST

जयपुर, 17 जुलाई (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए राज्य के प्रत्येक संभाग में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान स्थापित करने की मांग की है।

उन्होंने कैंसर की जांच में कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि समय की जरूरत को देखते हुए राज्य के हर संभाग में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान खोले जाने चाहिए।

गहलोत ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और इसके सफल उपचार के लिए समय पर जांच (स्क्रीनिंग) सबसे अधिक जरूरी है। स्क्रीनिंग जितनी जल्दी और सटीक होगी, इलाज की प्रक्रिया उतनी ही प्रभावी तरीके से शुरू की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्तन कैंसर के बढ़ते मामले बेहद चिंताजनक हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि कैंसर अब लगभग एक महामारी का रूप ले चुका है। हमारी कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में इस गंभीर बीमारी को प्राथमिकता देते हुए जयपुर के प्रताप नगर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की थी और वर्ष 2022 में जोधपुर में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान का काम भी शुरू कराया था, जो सरकार बदलने के बाद काफी धीमा हो गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब समय की मांग है कि राज्य के हर संभाग में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान स्थापित करने की दिशा में काम किया जाए।’’

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि विभिन्न बजट घोषणाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया था कि कैंसर की महंगी दवाएं आम लोगों की पहुंच में रहें।

उन्होंने कहा, ‘‘आज इलाज में एआई जैसी आधुनिक तकनीक की बड़ी भूमिका है, जिससे बीमारी के शुरुआती लक्षणों का जल्द पता लगाया जा सकता है। मौजूदा सरकार को कैंसर स्क्रीनिंग में इन तकनीकों के इस्तेमाल को सुनिश्चित करना चाहिए।’’

गहलोत ने लोगों से समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि समय पर उपचार मिलने से अनमोल जीवन को बचाया जा सकता है।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत


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