अब ‘जवाबदेही की शुरुआत’, केंद्र से बातचीत जारी रहने के कारण दो दिन बढ़ाया अनशन : वांगचुक

अब ‘जवाबदेही की शुरुआत’, केंद्र से बातचीत जारी रहने के कारण दो दिन बढ़ाया अनशन : वांगचुक

अब ‘जवाबदेही की शुरुआत’, केंद्र से बातचीत जारी रहने के कारण दो दिन बढ़ाया अनशन : वांगचुक
Modified Date: July 24, 2026 / 01:39 pm IST
Published Date: July 24, 2026 1:39 pm IST

( तस्वीरों सहित )

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपने 26 दिन के अनशन की समाप्ति को ‘‘जवाबदेही की शुरुआत’’ करार देते हुए कहा कि उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा संबंधी अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से आश्वासन मिलने के बाद ही अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

वांगचुक ने यह भी कहा कि उन्होंने अपना अनशन दो दिन इसलिए बढ़ाया क्योंकि केंद्र सरकार के साथ बातचीत जारी थी।

वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अनशन समाप्त… जवाबदेही की शुरुआत।’’ इसके साथ साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने अनशन समाप्त करने के अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था।

कॉजपा प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के मामलों में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है।

वांगचुक की पोस्ट के अनुसार, उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन तब समाप्त किया जब सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने उन्हें आश्वासन दिया कि परीक्षा प्रणाली की कथित ‘विफलताओं’ और उसमें जवाबदेही सुनिश्चित करने के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाएगी।

सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि मई में नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा तथा शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

वीडियो में वांगचुक ने बताया कि उन्होंने अपना अनशन दो दिन इसलिए बढ़ाया क्योंकि केंद्र सरकार के साथ बातचीत जारी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘इन आश्वासनों को लेकर पिछले दो दिनों से बातचीत चल रही थी, इसलिए मुझे अपना अनशन दो दिन और बढ़ाना पड़ा। आवश्यकता पड़ती तो मैं इसे और भी आगे बढ़ा सकता था।’’

वांगचुक ने उस आश्वासन पत्र का पाठ भी साझा किया, जिसे स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में उनके अनशन समाप्त करने से पहले पढ़कर सुनाया था।

पत्र में कहा गया है, ‘‘सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों तथा 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल हुए लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने के पक्ष में है।’’

पत्र में यह भी कहा गया है कि सरकार ‘‘प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के समाधान और परीक्षा प्रणाली में सुधार के उपायों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने का पहले ही आश्वासन दे चुकी है’’ तथा ‘‘हाल में नीट प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।’’

वांगचुक ने बृहस्पतिवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में अपना अनशन समाप्त किया।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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