गुजरात में उपचुनाव में जीत से मजबूत हुई भाजपा सरकार

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गुजरात में उपचुनाव में जीत से मजबूत हुई भाजपा सरकार

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  • Publish Date - November 11, 2020 / 10:57 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:40 PM IST

अहमदाबाद, 11 नवंबर (भाषा) गुजरात में 2017 के विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल कर सत्ता बरकरार रखने वाली भाजपा नीत सरकार को उपचुनाव में सभी आठ सीटों पर मिली जीत ने और मजबूती प्रदान की है।

मंगलवार को घोषित हुए उपचुनाव के नतीजों के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भाजपा के साथ-साथ राज्य की राजनीति में भी कद बढ़ गया है।

सभी आठों सीटों पर जीत हासिल करने के बाद 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर 111 हो गई है जबकि कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 65 हो गई है।

भाजपा को 2017 के विधानसभा चुनाव में 99 सीटों पर जीत मिली थी, जो 2012 में उसे मिली 115 सीटों के मुकाबले 16 कम थीं।

भाजपा ने 1995 में गुजरात में पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई थी। 2017 में पहली बार ऐसा हुआ था कि उसे 100 से कम सीटें मिली थीं। कांग्रेस ने 2017 के चुनाव में अच्छी बढ़त हासिल करते हुए 77 सीटें जीतीं थी।

हालांकि उसके बाद भी भाजपा को कई उपचुनाव में जीत हासिल हुई और उसके विधायकों की संख्या में इजाफा हुआ।

2017 में ऐसी अटकलें थी कि भाजपा रूपाणी की जगह किसी और नेता को राज्य की बागडोर सौंप सकती है। बहरहाल पार्टी ने ऐसा नहीं किया।

दरअसल इस साल की शुरुआत में गुजरात में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के आठ विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। उनमें से पांच को भाजपा ने उपचुनाव में टिकट दिया, जिन्हें मंगलवार को जीत हासिल हुई।

पार्टी बदलने के बाद भी मतदाताओं का इन पांचों विधायकों पर भरोसा बरकरार रहा और उन्हें विधानसभा भेज दिया।

नतीजे आने के बाद रूपाणी ने कहा कि उपचुनाव 2022 के राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले की ”झलकी” है।

उन्होंने कहा कि पार्टी को उपचुनाव में पटेल, आदिवासी और कोली जैसे विभिन्न समुदायों का समर्थन हासिल हुआ है। इन सीटों पर इन समुदायों का दबदबा है।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश