राम मंदिर को मिले दान में कथित गड़बड़ी की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए : भाजपा नेता रजनीश सिंह

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राम मंदिर को मिले दान में कथित गड़बड़ी की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए : भाजपा नेता रजनीश सिंह

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 06:57 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 06:57 PM IST

अयोध्या (उप्र), नौ जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पार्टी प्रवक्ता डॉ. रजनीश सिंह ने मंगलवार को राम जन्मभूमि मंदिर को मिले दान में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष, उच्च-स्तरीय केंद्रीय जांच की मांग की।

सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे पत्र में मांग की कि इस मामले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या किसी अन्य सक्षम केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि जांच के नतीजों को सार्वजनिक किया जाए ताकि मंदिर ट्रस्ट में श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे।

सिंह ने कहा, ‘‘राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था, भक्ति और विश्वास का केंद्र है। देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दान देते हैं।’’

उन्होंने कहा कि अगर दान के पैसे के गलत इस्तेमाल, हेराफेरी या वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल एक आर्थिक अपराध होगा, बल्कि लाखों राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंचाएगा।

सिंह ने कहा, ‘‘दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बहुत ज़रूरी है।’’

इस विवाद के बीच, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र मंगलवार को अयोध्या पहुंचे और राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक बंद कमरे में बैठक की।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के अन्य सदस्य शामिल हुए।

मिश्र का यह दौरा अहम है क्योंकि मूल रूप से उन्हें 13 जून को अयोध्या में एक समीक्षा बैठक में शामिल होना था। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद उनका कार्यक्रम पहले कर दिया गया और वे बिना किसी पूर्व सार्वजनिक घोषणा के अयोध्या पहुंच गए।

इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों ने दान में कथित हेरफेर को लेकर मंगलवार को कोई बयान जारी नहीं किया।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया था कि अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं।

इस बीच, अखिलेश यादव ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक समाचार की तस्वीर साझा की, जिसमें दावा किया गया था कि “श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र में गबन, चार संदिग्ध दबोचे, सीसीटीवी से खुला राज।’’

सपा प्रवक्ता एवं अयोध्या के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय ने एक बयान में कहा, “ट्रस्ट इस मामले पर चुप क्यों है? यदि कोई अनियमितता नहीं हुई है तो अब तक स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई?”

उन्होंने कहा कि चढ़ावे के कथित गबन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो वह कब से चल रही थी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को कहा था, “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता रहता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ऑडिट की प्रक्रिया कई दिनों तक चलती है। फिलहाल भी यही प्रक्रिया जारी है और अभी तक कोई विशेष अनियमितता सामने नहीं आई है।”

अखिलेश यादव ने कहा था कि ट्रस्ट का स्पष्टीकरण अस्पष्ट था। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट के सभी सदस्य एक साथ आकर इस मामले पर सफाई दें। उन्होंने दान की रकम की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच करने का भी सुझाव दिया।

भाषा सं आनन्‍द धीरज

धीरज

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