झारखंड में सत्ता में आने पर भाजपा घुसपैठियों की पहचान के लिए समिति गठित करेगी: अमित शाह

झारखंड में सत्ता में आने पर भाजपा घुसपैठियों की पहचान के लिए समिति गठित करेगी: अमित शाह

झारखंड में सत्ता में आने पर भाजपा घुसपैठियों की पहचान के लिए समिति गठित करेगी: अमित शाह
Modified Date: November 11, 2024 / 03:25 pm IST
Published Date: November 11, 2024 3:25 pm IST

सरायकेला, 11 नवंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि झारखंड में अगर भाजपा की सरकार बनती है तो घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें राज्य से बाहर निकालने के अलावा उनके द्वारा हड़पी गई जमीन को वापस लेने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।

शाह ने कहा कि इसके अलावा आदिवासी महिलाओं से शादी करने पर घुसपैठियों को जमीन का हस्तांतरण रोकने के लिए एक कानून लाया जाएगा।

उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृतव वाली सरकार पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

शाह ने सरायकेला में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘झारखंड में आदिवासियों की आबादी घट रही है। घुसपैठिए हमारी बेटियों से शादी करके जमीन हड़प रहे हैं। हम आदिवासी महिलाओं से शादी करने पर घुसपैठियों को जमीन हस्तांतरण रोकने के लिए कानून लाएंगे। हम घुसपैठियों की पहचान करने के लिए एक समिति भी बनाएंगे ताकि उन्हें बाहर निकाला जा सके और उनके द्वारा हड़पी गई जमीन को वापस लिया जा सके।’’

उन्होंने दावा किया कि जब चंपई सोरेन ने घुसपैठ का मुद्दा उठाया तो उनका अपमान किया गया और हेमंत सोरेन ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया।

झामुमो-कांग्रेस और राजद नेताओं पर केवल व्यक्तिगत विकास के लिए काम करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड में अगर भाजपा की सरकार बनती है तो झामुमो नीत गठबंधन के भ्रष्ट नेताओं को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।’’

शाह ने आरोप लगाया कि झामुमो नीत सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला, 300 करोड़ रुपये का भूमि घोटाला, 1,000 करोड़ रुपये का खनन घोटाला तथा करोड़ों रुपये का शराब घोटाला किया तथा उसने केंद्र द्वारा भेजे गए 3.90 लाख करोड़ रुपये हड़प लिए।

उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यदि केंद्र एक रुपया भेजे तो राज्य उसमें 25 पैसे और जोड़ दे, ताकि लोगों तक 1.25 रुपये पहुंचें।

भाषा

नेत्रपाल मनीषा

मनीषा


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