जब निष्ठावान नेताओं को दरकिनार किया जा रहा हो, तो पार्टी का पद स्वीकार नहीं कर सकता : वेलुमणि

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जब निष्ठावान नेताओं को दरकिनार किया जा रहा हो, तो पार्टी का पद स्वीकार नहीं कर सकता : वेलुमणि

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 07:21 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 07:21 PM IST

चेन्नई, 30 जून (भाषा) तमिलनाडु के पूर्व मंत्री एस. पी. वेलुमणि ने पार्टी के ‘‘निष्ठावान नेताओं’’ की कथित उपेक्षा को लेकर ऑल इंडिया अन्‍ना द्रविड़ मुन्‍नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) नेतृत्व से मंगलवार को नाराजगी जतायी और कहा कि जब पार्टी के लिए त्याग करने वाले नेताओं को दरकिनार किया जा रहा हो, तब वह पार्टी में कोई पद स्वीकार नहीं कर सकते।

सोशल मीडिया पर सामने आये एक वीडियो में वेलुमणि ने कहा कि पार्टी के लिए संघर्ष करने और कड़ी मेहनत करने वाले नेताओं को उचित सम्मान मिलना चाहिए। पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच उन्होंने कहा कि वह अन्नाद्रमुक के उप महासचिव का पद स्वीकार नहीं कर सकते।

वेलुमणि ने पूर्व मंत्री सी. वी. शणमुगम के साथ मिलकर 13 मई को विधानसभा में विश्वास मत के दौरान पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का खुला विरोध किया था और तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार के पक्ष में मतदान किया था। दोनों नेताओं को उस समय अन्नाद्रमुक के 23 विधायकों का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने कहा था कि सरकार गठन में पार्टी को टीवीके का समर्थन करना चाहिए।

बाद में शणमुगम को छोड़कर अन्य सभी बागी विधायक मान गए और उन्होंने महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। हालांकि, इसके बाद अब तक छह विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। इनमें से चार टीवीके में शामिल हो गए हैं, जबकि पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर और एम. आर. विजयभास्कर के भी जल्द सत्तारूढ़ दल में शामिल होने की अटकलें हैं।

पलानीस्वामी ने 25 जून को वेलुमणि को पार्टी का उप महासचिव नियुक्त किया था। इससे पहले, नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने पर उन्हें संगठनात्मक पदों से हटा दिया गया था।

सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो में वेलुमणि कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘‘जो लोग पार्टी के प्रति निष्ठावान रहे और पार्टी को मजबूत बनाने में मेरे साथ खड़े रहे, उन्हें पीछे छोड़ दिया जाए, तो मैं अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए कोई पद कैसे स्वीकार कर सकता हूं?’’

कोयंबटूर में समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सी. वी. शणमुगम, विजयभास्कर, वीरमणि और थंगमणि जैसे नेता, जो मेरे प्रति निष्ठावान रहे हैं, उन्हें पार्टी नेतृत्व नजरअंदाज कर रहा है या पीछे छोड़ रहा है।’’

जब संवाददाताओं ने उनसे आगे की रणनीति के बारे में पूछा तो थोंडामुथुर से विधायक वेलुमणि ने कहा कि वह उचित समय पर इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करेंगे।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप

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