इंफाल, 30 जून (भाषा) म्यांमा के उन लगभग 500 विस्थापित नागरिकों की बायोमेट्रिक जानकारी मंगलवार को दर्ज की गई, जिन्होंने मणिपुर के कामजोंग जिले के तीन गांवों में शरण ली थी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।
बयान में कहा गया है कि असम राइफल्स के जवानों सहित राज्य के लगभग 40 अधिकारी और सुरक्षाकर्मी फाइकोह, शंखलोक और अलोयो गांवों में म्यांमा के शरणार्थियों के लिए बायोमेट्रिक पंजीकरण अभियान में शामिल थे।
इसमें कहा गया, ‘‘लगभग 500 विस्थापित लोगों की पहचान की गई, उनका सत्यापन किया गया और बायोमेट्रिक पंजीकरण किया गया।’’
बयान के अनुसार, यह सत्यापन अभियान ‘ऑपरेशन एंकर’ का दूसरा चरण है। यह एक व्यवस्थित नागरिक-सैन्य पहल है, जिसे संवेदनशील भारत-म्यांमा सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा की ज़रूरतों और मानवीय निगरानी के बीच संतुलन बनाने के लिए तैयार किया गया है।
इसमें यह भी कहा गया कि यह मौजूदा पहल सीधे तौर पर पहले चरण की अभियानगत उपलब्धियों पर आधारित है। पहले चरण में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी बढ़ाकर, गश्त तेज करके और बाड़ लगाकर भौतिक सीमा को सुरक्षित करने पर सख्ती से ध्यान दिया गया था, ताकि सीमा पार अवैध आवाजाही और अनियंत्रित घुसपैठ को रोका जा सके।
भाषा सुरेश अमित
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