नौकरी का झांसा देकर जाल में फंसाया: ग्राफिक डिजाइनर को म्यांमा में साइबर धोखाधड़ी के धंधे में धकेला

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नौकरी का झांसा देकर जाल में फंसाया: ग्राफिक डिजाइनर को म्यांमा में साइबर धोखाधड़ी के धंधे में धकेला

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 08:07 PM IST

बीड (महाराष्ट्र), एक जुलाई (भाषा) विदेश में आकर्षक नौकरी के ऑनलाइन विज्ञापन के झांसे में आया महाराष्ट्र के बीड जिले का 24-वर्षीय एक ग्राफिक डिजाइनर पिछले करीब एक महीने से म्यामां में बंधक है। उसे वहां जबरन साइबर धोखाधड़ी के कामों में लगाया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

बीड साइबर पुलिस ने पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर अज्ञात एजेंट और व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस चौंकाने वाले मामले से कानून प्रवर्तन अधिकारियों को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी सिंडिकेट का पता चला है, जो साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा है और जिसमें सैकड़ों निर्दोष भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, मध्य महाराष्ट्र के बीड जिले के केज तहसील का रहने वाला यह युवक म्यामां में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के धंधे में रोजाना 16 से 18 घंटे काम करने के लिए मजबूर है। काम करने से मना करने पर उसे बेरहमी से प्रताड़ित किया जाता है और जान से मारने की धमकी दी जाती है।

पुलिस ने कहा, ‘इस प्रताड़ना का खुलासा तब हुआ जब युवक किसी तरह अपनी पत्नी को व्हाट्सऐप कॉल करने में कामयाब रहा और म्यामां में अपनी कैद के खौफनाक हालात बयां किए। उसने बताया कि महाराष्ट्र के 20 से 25 अन्य लोगों के साथ सैकड़ों भारतीय नागरिक भी उस केंद्र में फंसे हुए हैं।’

एक बेहद डराने वाले खुलासे में उसने अपनी पत्नी को बताया कि बंधक बनाने वालों का विरोध करने पर दो-तीन बंदियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘ग्राफिक डिजाइनर ने रोते हुए तुरंत बचाए जाने की गुहार लगाई और कहा कि उसकी जान को गंभीर खतरा है।’

भाषा सुमित सुरेश

सुरेश