सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में दो भगोड़े अपराधियों को गिरफ़्तार किया

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सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में दो भगोड़े अपराधियों को गिरफ़्तार किया

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 08:05 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 08:05 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दो ऐसे भगोड़े अपराधियों को गिरफ़्तार किया है, जो बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में क्रमशः 17 साल और चार साल से मुक़दमे की कार्यवाही से बचते आ रहे थे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा के तौर पर पहचाने गए आरोपियों को एजेंसी की लगातार कोशिशों और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद गिरफ़्तार किया गया।

कुमार पर 2002-03 के दौरान गृह ऋण धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है जिससे जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 65.90 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में गृह ऋण फर्जी वेतन पर्ची के आधार पर लिया गया था।

वर्ष 2006 में कुमार और 18 अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। आरोप है कि कुमार मुकदमे की कार्यवाही से बचता रहा और 2009 से अदालत के सामने पेश नहीं हुआ।

कुमार को जनवरी 2013 में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था और उसे मंगलवार को नयी दिल्ली के द्वारका मोड़ से गिरफ्तार किया गया।

दूसरे मामले में, पाहवा पर आरोप है कि उसने नकली और जाली दस्तावेज़ों के आधार पर ली गई नकद ऋण सुविधा का पैसा दूसरी जगह लगाया और उसका गलत इस्तेमाल किया, जिससे इंडियन ओवरसीज़ बैंक को 10.16 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

वर्ष 2017 में पाहवा और पांच अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। बाद में, लाभार्थी कंपनी और व्यक्तियों के साथ कथित तौर पर मिलीभगत को लेकर चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।

वर्ष 2023 में भगोड़ा अपराधी पाहवा को सीबीआई के ‘‘लगातार खुफिया जानकारी जुटाने और लक्षित प्रयासों’’ के बाद चार अगस्त को पंजाब के लुधियाना से पकड़ा गया।

प्रवक्ता ने कहा कि वह अभी न्यायिक हिरासत में है।

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव