चंडीगढ़, नौ मई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छापे मारे जाने के बाद केंद्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत केंद्र सरकार पंजाब के साथ ‘‘खतरनाक खेल’’ खेल रही है।
मान ने केंद्र सरकार पर अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को ‘‘हथियार’’ के रूप में इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
मान ने भाजपा पर ‘‘विभाजनकारी और नफरत की राजनीति’’ करने का आरोप लगाते हुए उसे ‘‘भारत जलाओ पार्टी’’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के साथ ‘‘खतरनाक खेल’’ खेल रही है, लेकिन राज्य उसे ऐसा नहीं करने देगा।
मुख्यमंत्री मान ने संगरूर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां ‘‘भाजपा के पास मौजूद वे चार-पांच हथियार हैं जिनका राजनीतिकरण कर दिया गया है।’’
मान ने कहा, ‘‘वे लंबे समय से अपनी राजनीति के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे महाराष्ट्र हो या ओडिशा, बिहार हो या कर्नाटक अथवा पश्चिम बंगाल। अब पंजाब उनके निशाने पर है।’’
अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के हाल में दर्ज एक मामले से संबंधित जांच के तहत पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उनसे कथित रूप से जुड़े कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर शनिवार को फिर से छापे मारे।
मान ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘वे ईडी का जो दुरुपयोग कर रहे हैं, मैं उसकी कड़ी निंदा करता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘छापे मारने के पीछे उनका मकसद कोई काला धन या कोई अवैध दस्तावेज ढूंढना नहीं है। उनका मकसद होता है कि जिस व्यक्ति के परिसर पर छापा मारा गया है, उस तक यह संदेश पहुंच जाए कि भाजपा में शामिल हो जाओ और सब माफ कर दिया जाएगा।’’
मान ने राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल का जिक्र करते हुए सवाल किया कि हाल में उनके भाजपा में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई का क्या हुआ?
मान ने कहा कि अरोड़ा के खिलाफ ईडी की ‘‘तथाकथित’’ छापेमारी जारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘एक महीने में यह दूसरी बार और एक साल में तीसरी बार है जब वे आए हैं, लेकिन पहले भी उन्हें कुछ नहीं मिला और अब भी कुछ नहीं मिलेगा। वे केवल यह संदेश देने आए हैं कि भाजपा में शामिल हो जाओ, वरना उनके कारोबार बंद कर दिए जाएंगे।’’
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा-नीत केंद्र सरकार अपने विरोधियों में इसी तरह डर पैदा कर काम करती है। उन्होंने कहा कि वे अन्य राज्यों में ऐसा कर सकते हैं, लेकिन पंजाब में उनकी यह रणनीति काम नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा, मोदी और अमित शाह को बहुत स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूं कि यह पंजाब है, यह ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है। मोदी को तीन कृषि कानूनों पर ‘यू-टर्न’ लेना पड़ा था और माफी मांगनी पड़ी थी। शायद मोदी अब भी उस टीस को मन में रखे हुए हैं।’’
इससे पहले मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘आज फिर एक बार ‘भाजपा की ईडी’ अरोड़ा के घर पहुंची है। एक साल में यह तीसरी बार है, जब ‘भाजपा की ईडी’ उनके घर पहुंची है और पिछले एक महीने में दूसरी बार। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।’’
इससे पहले, मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ईडी-भाजपा के इस अनैतिक गठजोड़ के अंत की शुरुआत पंजाब से होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की धरती है, जिन्हें औरंगजेब भी नहीं झुका सका था। यह भगत सिंह की धरती है जो अंग्रेजों के सामने कभी नहीं झुके तो मोदी के इन हथकंडों के सामने पंजाब कभी नहीं झुकेगा। ईडी एवं भाजपा के इस अनैतिक गठबंधन का अंत पंजाब से ही होगा।’’
हरपाल सिंह चीमा और अमन अरोड़ा सहित आप के कई अन्य नेताओं ने भी ईडी की तलाशी कार्रवाई को लेकर केंद्र पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री मान ने संगरूर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है और उसने पिछले साल घोषित बाढ़ राहत पैकेज, ग्रामीण विकास कोष की राशि जारी नहीं की है तथा उसने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड, जल संसाधन, पंजाब विश्वविद्यालय और चंडीगढ़ से जुड़े पंजाब के हितों के किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं किया है।
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘विभाजनकारी राजनीति’’ करती है और दो समुदायों को आपस में लड़ाती है तथा फिर उनमें से एक के साथ खड़ी होकर वोट मांगती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पंजाब में नहीं चलेगा। पंजाब में हिंदू-सिख संबंध बहुत मजबूत हैं। पंजाब की इस उपजाऊ धरती पर जो भी बोया जाए, वह उग सकता है, लेकिन इस धरती पर नफरत की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। मैं यह बात नफरत की राजनीति करने वाली भाजपा से कहना चाहता हूं।’’
मान ने दावा किया कि ‘‘मोदी का तथाकथित विजय रथ’’ 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद पंजाब में रुक जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘एजेंसियों के दुरुपयोग’’ और ‘‘मतदाता सूची से नाम हटाने’’ जैसी रणनीतियों के आधार पर चुनाव जीतती है, जो ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ के समान है। हालांकि उन्होंने कहा कि पंजाबी ऐसी रणनीतियों को सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘…वे ईडी की छापेमारी के जरिये इसी तरह चुनाव की तैयारी करते हैं… ऐसी बातें यहां नहीं चलेंगी।’’
मान ने कहा, ‘‘मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यदि उन्होंने पंजाब की ओर बुरी नजर से देखा, तो पंजाबी कड़ा जवाब देंगे… पंजाब में इस तरह की तानाशाही नहीं चलेगी।’’
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा जहां भी जाती है, वहां दंगे भड़काकर वोट मांगती है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह उनका काम करने का तरीका है। यह ‘भारत जलाओ पार्टी’ है। भाजपा ‘भारत जलाओ पार्टी’ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि उन्हें लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत मिल गया, तो वे राष्ट्रगान से पंजाब का नाम भी निकाल देंगे।’’
उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ जैसे भाजपा नेता जालंधर और अमृतसर में हाल में हुए दो धमाकों के लिए भगवा पार्टी को जिम्मेदार ठहराने के आरोप में मुख्यमंत्री के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘(भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष) सुनील जाखड़ कहते हैं कि भगवंत मान के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए… क्या हमें देशभक्ति का प्रमाणपत्र वह देंगे?’’
भाषा सिम्मी सुरेश
सुरेश