बीजिंग, 13 जून (एपी) चीन ने शनिवार को कहा कि वह कई प्रमुख चीनी कंपनियों को अपनी सैन्य कंपनियों की सूची में शामिल किए जाने संबंधी अमेरिका के फैसले का कड़ा विरोध करता है।
चीन ने यह भी कहा कि यह कदम पिछले महीने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी नेता शी चिनफिंग के बीच शिखर सम्मेलन में बनी सहमति की अनदेखी करता है।
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने सोमवार को कई गैर-सरकारी चीनी कंपनियों इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता बीवाईडी तथा ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अलीबाबा और बायडू को अपनी उस सूची में शामिल कर लिया। इसका उद्देश्य उन चीनी कंपनियों की पहचान करना है जिनके चीनी सेना से संबंध होने का संदेह है। इस सूची में शामिल होने के कारण ये कंपनियां अमेरिकी रक्षा अनुबंध हासिल नहीं कर सकेंगी।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘इन कंपनियों को सूची में शामिल करके ‘‘अमेरिकी पक्ष ने बीजिंग में दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई बैठक में बनी सहमति की अनदेखी की है।’’
प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने ‘‘द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के व्यापक हितों की अनदेखी की है, लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा का अत्यधिक विस्तार किया है और अनुचित रूप से चीनी कंपनियों को दबाने का प्रयास किया है।’’
बीवाईडी, अलीबाबा और बायडू ने पहले कहा था कि उन्हें इस सूची में शामिल करने का कोई आधार नहीं है।
ट्रंप ने मई के मध्य में शी चिनफिंग के साथ शिखर सम्मेलन के लिए बीजिंग का दौरा किया था। दोनों नेताओं ने देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर सहमति जताई थी, जिनमें चीन द्वारा अधिक अमेरिकी कृषि उत्पादों और बोइंग विमानों की खरीद तथा अलग-अलग व्यापार और निवेश बोर्डों की स्थापना शामिल था।
एपी देवेंद्र माधव
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