नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) अपने संबद्ध विद्यालयों के करीब 16 लाख विद्यार्थियों और 32,000 शिक्षकों को छात्र मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण, मानसिक मजबूती और स्कूल में सहयोगात्मक वातावरण पर चर्चा से जोड़ने के लिए एक पहल शुरू करने जा रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) के अवसर पर ‘स्टूडेंट मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग इनिशिएटिव’ नामक पहल के तहत विद्यार्थियों के अनुभव, चिंताएं और आकांक्षाएं कक्षाओं से क्षेत्रीय स्तर के मंचों और फिर राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकेंगी।
यह पहल 20 से 22 नवंबर तक हैदराबाद स्थित ‘सीआईएससीई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में आयोजित होने वाले सीआईएससीई राष्ट्रीय छात्र मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन के साथ संपन्न होगी।
सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव जोसेफ इमैनुएल ने कहा, “विद्यार्थियों की सेहत का मुद्दा केवल अलग-अलग प्रयासों या कभी-कभार होने वाली बातचीत के जरिये हल नहीं किया जा सकता। हमें ऐसी संस्कृति बनाने की जरूरत है, जिसमें विद्यार्थियों की बात सुनी जाए, उनके अनुभवों को समझा जाए और मानसिक स्वास्थ्य, मानसिक मजबूती तथा सहयोग को लेकर विद्यालयों की सोच को आकार देने में उनकी आवाज की भूमिका हो। यह सम्मेलन हमारी उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें हम इस चर्चा को व्यक्तिगत कक्षाओं से निकालकर राष्ट्रीय मंच तक ले जाना चाहते हैं।”
भाषा जितेंद्र सुरेश
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