अहमदाबाद, 25 जून (भाषा) विपक्षी कांग्रेस ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की मांग को लेकर 30 जून से एक देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की।
पार्टी के एक नेता ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ नाम के इस 40-दिन के अभियान का पहला चरण नौ अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ विरोध मार्च के साथ खत्म होगा।
कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि परीक्षा में बार-बार हुई गड़बड़ियों की वजह से छात्रों का ‘भरोसा टूट चुका’ है और लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
महाराष्ट्र के विधायक पाटिल ने कहा कि सालों की तैयारी के बाद लगभग 23 लाख छात्र नीट परीक्षा में शामिल हुए लेकिन आखिरकार सिर्फ दो लाख के करीब छात्र ही मेडिकल, दंत, आयुष और उससे जुड़े पाठ्यक्रम में दाखिला ले पाएंगे।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने कहा, ‘वे 130 करोड़ लोगों के देश को चलाने की बात करते हैं, लेकिन 23 लाख छात्रों के लिए ठीक से परीक्षा भी आयोजित नहीं कर पाते। यह परीक्षा बहुत मुश्किल है और वे इसे ठीक से आयोजित करने में नाकाम रहे हैं।’
उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ पेपर लीक या दोबारा परीक्षा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने व्यवस्था पर से छात्रों के भरोसे को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘छात्रों को अपनी पढ़ाई के आधार पर अंक मिलने का जो भरोसा था, वह खत्म हो गया है। वह भरोसा टूट चुका है। पूरे देश के युवाओं का भरोसा टूट चुका है।’
पार्टी ने देशव्यापी अभियान की घोषणा की है, जिसमें 28 शहरों को शामिल किया जाएगा और छात्रों, नौकरी के इच्छुक युवाओं, कोचिंग, कॉलेज परिसरों और पुस्तकालयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत, कांग्रेस नेता 30 जून से पर्चे बांटेंगे और नुक्कड़ सभाएं आयोजित करेंगे।
कांग्रेस ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की व्यापक जांच की मांग की।
पार्टी ने प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया, उनकी छपाई, परिवहन व्यवस्था तथा परीक्षा आयोजन के लिए अनुबंधित कंपनी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की।
पाटिल ने कोचिंग संस्थानों और परीक्षा पेपर लीक करने वाले नेटवर्क के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘लीक हुआ प्रश्नपत्र आखिर कहां से आया? सबसे पहले यह किसके पास पहुंचा? इससे एक गठजोड़ का संकेत मिलता है। प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आती है और अगले ही दिन कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन आने लगते हैं, जिनमें पुनर्परीक्षा की स्थिति में छात्रों से फिर से कक्षा में आने के लिए कहा जाता है। कोचिंग संस्थानों और व्यवस्था के बीच इस गठजोड़ को तोड़ने की जरूरत है।’
कांग्रेस नेता ने मांग की कि प्रधान कथित नाकामियों की जिम्मेदारी लें और अपने पद से इस्तीफ़ा दें।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि परीक्षाओं और भर्तियों के लिए एक निश्चित वार्षिक कैलेंडर बनाया जाए, जिसमें परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों की तिथियां पहले से घोषित हों।
इस अभियान के तहत, कांग्रेस एक अगस्त को 28 शहरों में जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी और नौ अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ मार्च के साथ पहले चरण का समापन करेगी।
छात्रों की आत्महत्याओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में पाटिल ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मदद करने और उनका आत्मविश्वास बहाल करने के लिए ‘काउंसलिंग व्यवस्था’ बनाने के सुझावों पर विचार करेगी।
भाषा
राखी मनीषा
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