हाइड्रोजन ट्रेन के नियमित परिचालन के लिए तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी: उत्तर रेलवे

हाइड्रोजन ट्रेन के नियमित परिचालन के लिए तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी: उत्तर रेलवे

हाइड्रोजन ट्रेन के नियमित परिचालन के लिए तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी: उत्तर रेलवे
Modified Date: July 17, 2026 / 08:27 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:27 pm IST

जींद(हरियाणा), 17 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुक्रवार को हरियाणा के जींद-सोनीपत मार्ग पर देश की पहली हाइड्रोजन चालित ट्रेन सेवा की शुरूआत किए जाने के बाद, उत्तर रेलवे जल्द ही इसका वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने के लिए तारीख की घोषणा कर सकता है।

हाइड्रोजन ट्रेन परिचालन से जुड़े रेलवे अधिकारियों ने कहा, ‘‘हमें अभी तक नियमित सेवाएं शुरू करने के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद है कि यह जल्द शुरू हो जाएगी।’’

रेलवे बोर्ड द्वारा 8 जुलाई को उत्तर रेलवे को जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, नियमित सेवा के दौरान हाइड्रोजन ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी।

रेलवे ने एक बयान में कहा, ‘‘वर्तमान में जींद-सोनीपत के 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर स्थानीय यात्रियों के लिए छह जोड़ी लोकल ट्रेनें परिचालित हो रही हैं, जो मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं। इसलिए अगर हाइड्रोजन ट्रेन के परिचालन में देरी भी होती है तो इससे स्थानीय यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होगी।’’

हाइड्रोजन ट्रेन के किराये के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि अभी तक उन्हें आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद है कि इसका किराया इस मार्ग पर परिचालित होने वाली अन्य लोकल ट्रेनों के किराये के बराबर ही होगा।

मौजूदा ट्रेनों का किराया स्टेशनों के आधार पर 10 रुपये से 35 रुपये तक है।

स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने इसकी शुरूआत पर खुशी जताई और कहा कि यह देश में रेलवे का हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के साथ पहला प्रयोग है।

हालांकि, उन्होंने रेलवे से मध्यम और लंबी दूरी की यात्रा के लिए और अधिक अंतरराज्यीय ट्रेनें शुरू करने की मांग भी की।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘हाइड्रोजन ट्रेन नवाचार के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है और हमें गर्व है कि हरियाणा में प्रधानमंत्री मोदी ने इसे हरी झंडी दिखाई। लेकिन हमें लखनऊ, पटना और मुंबई जैसे शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है।’’

उद्घाटन यात्रा के अनुभव के बारे में यात्रियों ने ट्रेन के नीले बाहरी रंग, बड़े और आरामदायक अंदरूनी हिस्से तथा सुगम सफर की प्रशंसा की। हालांकि, कई यात्रियों ने शिकायत की कि सीट के ‘कुशन कवर’ में इस्तेमाल की गई सामग्री के कारण उनके कपड़ों पर नीले रंग के दाग लग गए।

एक यात्री ने दावा किया, ‘‘आधे घंटे बाद जब मैं अपनी सीट से उठा तो मेरी सफेद पतलून के पीछे नीले रंग के दाग लग गए थे।’’

उद्घाटन यात्रा में शामिल कई मीडियाकर्मियों, जिन्हें सी5 और सी6 डिब्बों में सीटें मिली थीं, ने भी इसी तरह की शिकायतें कीं।

एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा, ‘‘हम शिकायतों की जांच करेंगे और सुधारात्मक उपाय करेंगे।’’

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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