दिल्ली: आप ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितताओं का आरोप लगाया

दिल्ली: आप ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितताओं का आरोप लगाया

दिल्ली:  आप ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितताओं का आरोप लगाया
Modified Date: July 17, 2026 / 08:57 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:57 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को दिल्ली में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में खासकर गरीब और प्रवासी समुदायों के पात्र मतदाताओं को बाहर किया जा रहा है।

आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि एसआईआर से पहले की गई प्रक्रिया में करीब 14 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए और ये लोग मौजूदा पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आधिकारिक रिकॉर्ड में शत-प्रतिशत वितरण दिखाए जाने के बावजूद कई निम्न आय वर्ग वाली बस्तियों में गणना प्रपत्र वितरित नहीं किए गए।

भारद्वाज ने दावा किया कि जिन लोगों की झुग्गी बस्तियां तोड़ी गईं और जिन्हें सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए फ्लैटों में पुनर्वासित किया गया, उन्हें भी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा गणना प्रपत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से अपील की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पात्र मतदाताओं को पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

बुराड़ी से आप विधायक संजीव झा ने दावा किया कि इस प्रक्रिया से प्रवासी मतदाता असमान रूप से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व-पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों को ‘अनुपस्थित’ या ‘स्थानांतरित’ बताया गया, उन्हें गणना प्रपत्र नहीं मिल रहे हैं, जिससे वे मौजूदा मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में भाग नहीं ले पा रहे हैं।

कोंडली से आप विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में मतदान करने वाले कई लोगों के नाम बाद में मतदाता सूची से गायब मिले।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ इलाकों में घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित नहीं किए जा रहे हैं।

आप नेता विकास गोयल ने आरोप लगाया कि झुग्गी बस्तियों को हटाए जाने के बाद विस्थापित हुए लोगों को भी गणना प्रपत्र नहीं दिए जा रहे हैं। इनमें वह लोग भी शामिल हैं, जिन्हें सरकारी फ्लैट मिले हैं।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया से बाहर न किया जाए।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में एसआईआर के तहत राजधानी के 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 99.5 प्रतिशत से अधिक को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। भरे हुए प्रपत्रों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया करीब 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा जारी संचयी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार रात आठ बजे तक कुल 1,44,44,600 गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 26,02,654 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जो कुल मतदाताओं का 17.94 प्रतिशत है।

प्रपत्रों का वितरण लगभग पूरा होने के बाद अब इस प्रक्रिया में भरे हुए गणना प्रपत्रों को एकत्र करने और उनके डिजिटलीकरण पर अधिक ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।

निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में एसआईआर की समय-सीमा बढ़ा दी है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन का काम आठ अगस्त तक जारी रहेगा।

इसके बाद 17 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को जारी होगी।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप


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