दिल्ली सरकार 100 ‘ऑक्सीजन पार्क’ विकसित करेगी: रेखा गुप्ता

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दिल्ली सरकार 100 ‘ऑक्सीजन पार्क’ विकसित करेगी: रेखा गुप्ता

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 05:56 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 05:56 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार शहर के प्रदूषण से निपटने के लिए 100 “ऑक्सीजन पार्क” विकसित करेगी जिनमें घने पेड़ होंगे।

उत्तरी दिल्ली में बुराड़ी के मुखमेलपुर गांव में तीन एकड़ भूमि पर विकसित किए जाने वाले पार्क की आधारशिला रखते हुए उन्होंने कहा कि यह शहर का पहला “ऑक्सीजन पार्क” होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली बीते कुछ वर्षों में “गैस चैंबर” में बदल गई है, लेकिन दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए किसी ने भी कदम उठाने की चिंता नहीं की।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष दिल्ली सरकार 70 लाख से अधिक पेड़ व झाड़ियां लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

गुप्ता ने कहा उनकी सरकार पिछले एक साल से प्रदूषण को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है और यह पार्क दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू की गई पहल का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पार्कों में घने फलदार पेड़ लगाए जाएंगे ताकि पक्षियों को आश्रय मिल सके और ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली को ऐसे घने पेड़ों वाले पार्कों की सख्त जरूरत है।

मुखमेलपुर स्थित यह पार्क स्थानीय लोगों को हरियाली, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराएगा। पार्क में लोगों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पैदल चलने के लिए ट्रैक, आकर्षक और ऊर्जा दक्ष लाइटिंग, बैठने और आराम करने के लिए झोंपड़ीनुमा आराम स्थल, सुंदर तालाब तथा विभिन्न प्रजातियों के छायादार पेड़ लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि इसके अलावा पार्क में पर्याप्त हरित क्षेत्र और खुले स्थान भी विकसित किए जाएंगे।

गुप्ता ने बताया कि पार्क के निर्माण के लिए वन विभाग ने एक करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी विधायक निधि/विवेकाधीन मद से भी एक करोड़ रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम राजधानी में अधिक हरित क्षेत्र बनाने, मौजूदा पार्कों का आधुनिकीकरण करने और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

भाषा नोमान प्रशांत

प्रशांत