नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से संचालित एक अवैध ‘फॉरेक्स ट्रेडिंग’ कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और फर्जी ऑनलाइन निवेश योजनाओं के माध्यम से देश भर में लोगों को ठगने में कथित तौर पर शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग मंचों का इस्तेमाल कर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर ‘फॉरेक्स’ और अन्य ऑनलाइन ट्रेडिंग उत्पादों में निवेश करने के लिए झांसे में लिया।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने पीड़ितों को सोने, चांदी, निफ्टी, बैंक निफ्टी और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी योजनाओं में निवेश करने के लिए राज़ी कर उनसे करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
अधिकारी ने कहा, ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान इस ठगी का खुलासा हुआ। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि एक महिला ने उसे ‘फॉरेक्स ट्रेडिंग’ में निवेश करने के लिए राज़ी किया था।’
पुलिस ने बताया कि पीड़ित को बार-बार अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे स्थानांतरित करने के लिए राजी किया गया। जांच के दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता ने 10.5 लाख रुपये से अधिक की रकम स्थानांतरित की थी।
अधिकारी ने बताया, ‘एक टीम ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल ट्रैकिंग, आईएमईआई विश्लेषण और वित्तीय लेनदेन की जांच करने के बाद इंदौर में गिरोह का पता लगाया।’
मिली सूचनाओं और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर, पुलिस ने इंदौर के आरएनटी मार्ग स्थित ठिकाने पर छापा मारा, जहां आरोपी कथित तौर पर अवैध कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि कार्यालय में 35 टेली-कॉलर सहित 41 लोग मौजूद थे और वे सक्रिय रूप से संभावित पीड़ितों से संपर्क कर रहे थे और उन्हें फर्जी ट्रेडिंग मंचों के माध्यम से पैसा निवेश करने के लिए झांसे में लेने की कोशिश कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों की पहचान कॉल सेंटर के कथित मास्टरमाइंड और मालिक कार्तिक अग्रवाल, सह-मालिक राजा अग्रवाल और टीम लीडर हर्ष केशरे, निखिल भालसे, दीपक उमथ और विपिन यादव के रूप में हुई है।
अधिकारी ने बताया कि गिरोह ने पकड़े जाने से बचने के लिए फर्जी पहचान, ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते व फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया।’
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 47 मोबाइल फोन, 46 सिम कार्ड, 29 कंप्यूटर सिस्टम, 10 चेक बुक, डेबिट कार्ड, पीओएस स्वाइप मशीन, राउटर और एक मैकबुक आदि जब्त किए। इसके अलावा, 1.21 लाख रुपये नकद के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर, थाईलैंड और यूएई की मुद्रा समेत विदेशी मुद्राएं भी जब्त की गईं।
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया चैनलों और ऑनलाइन माध्यम से कथित तौर पर ग्राहक डेटाबेस खरीदे गए, जिसके बाद टेलीमार्केटिंग करने वालों ने ट्रेडिंग सलाहकार और निवेश विशेषज्ञ बनकर लोगों से संपर्क किया। पुलिस को धनशोधन के बारे भी पता चला है।
भाषा नोमान नोमान वैभव
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