द्रमुक ने तमिलनाडु के राज्यपाल को ‘खरीद-फरोख्त के सबूत’ सौंपे

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द्रमुक ने तमिलनाडु के राज्यपाल को 'खरीद-फरोख्त के सबूत' सौंपे

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 10:34 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 10:34 PM IST

चेन्नई, 13 जुलाई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के संगठन सचिव आर. एस. भारती ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी ने तमिलनाडु में ‘खरीद-फरोख्त’ के आरोपों से जुड़े सबूत राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंपे हैं।

भारती ने कहा कि ‘साक्ष्य सामग्री’ में एमडीएमके प्रमुख वाइको द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर दिया गया बयान और अन्नाद्रमुक के पूर्व विधायक एम. आर. विजयभास्कर की सार्वजनिक टिप्पणी शामिल है, जिन्हें राज्यपाल को सौंपा गया। उन्होंने कहा कि राज्य में खरीद-फरोख्त की कथित व्यवस्थित प्रक्रिया की पुष्टि के लिए ये साक्ष्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) को भी दिए गए हैं।

भारती ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘सत्तारूढ़ टीवीके द्वारा खरीद-फरोख्त की व्यवस्थित प्रक्रिया को लेकर एक जुलाई को दी गई हमारी शिकायत के पूरक के रूप में हमने ये साक्ष्य सौंपे हैं।’

उन्होंने कहा कि पार्टी ने विजयभास्कर के उस बयान को भी शामिल किया है, जिसमें उन्होंने हाल में एक अनौपचारिक प्रेस वार्ता में कहा था कि टीवीके ने उनसे संपर्क किया था।

हालांकि, करूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्नाद्रमुक विधायक पद से इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) में शामिल हुए विजयभास्कर ने बाद में अपने पहले के बयान को वापस ले लिया।

विजयभास्कर ने सोमवार को करूर में संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे गलत समझा गया। मैंने अपनी इच्छा से टीवीके में शामिल होने का फैसला किया, क्योंकि मैं अन्नाद्रमुक नेतृत्व से खुश नहीं था।’

भारती ने कहा कि द्रमुक कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला करने से पहले राज्यपाल को पार्टी की शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त समय देगी।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप

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