हिमाचल के गांवों में हाथियों का आतंक, मकान, ट्यूबवेल और फसलें क्षतिग्रस्त

Ads

हिमाचल के गांवों में हाथियों का आतंक, मकान, ट्यूबवेल और फसलें क्षतिग्रस्त

  •  
  • Publish Date - August 17, 2026 / 02:58 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 02:58 PM IST

नाहन (हिप्र), 17 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के पांवटा उपमंडल में हाथियों के एक झुंड के घुसने से खेतों, ट्यूबवेल और मकानों को भारी नुकसान हुआ है तथा स्थानीय किसान दहशत में हैं।

हाथियों ने 14 अगस्त को बहराल गांव में एक मकान की चारदीवारी तोड़ दी और आसपास के क्षेत्र में काफी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में हाथियों ने बहराल क्षेत्र में किसान महिमा सिंह के ट्यूबवेल को भी क्षति पहुंचाई, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ।

हाथियों ने सतीवाला गांव में किसान नीतू राम के खेत में धान की फसल के साथ-साथ चेरी और केले के पेड़ों को भी बुरी तरह रौंद दिया।

ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में हाथियों की बढ़ती आवाजाही से दहशत का माहौल है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले हाथियों ने सतीवाला गांव के किसानों- सोनू राम और ठग्गा राम- की गायों को भी कुचलकर मार डाला था। हाथियों का झुंड अब घरों के आसपास मंडराने लगा है, जिससे किसान भयभीत हैं।

भारतीय किसान यूनियन के प्रखंड अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग ने वन विभाग से हाथियों को गांवों में घुसने से रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि हाथियों के कारण नुकसान झेलने वाले किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हाथियों को रोकने और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो वन विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

भाषा

शोभना सुरेश

सुरेश