लद्दाख के सभी सातों जिलों में पर्वतीय परिषदों का विस्तार ‘ऐतिहासिक कदम’: भाजपा

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लद्दाख के सभी सातों जिलों में पर्वतीय परिषदों का विस्तार ‘ऐतिहासिक कदम’: भाजपा

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 10:21 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 10:21 PM IST

लेह, 13 जुलाई (भाषा) केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ताशी ग्यालसन ने सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सभी सात जिलों में स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) के ढांचे के विस्तार का स्वागत किया और इसे एक ‘ऐतिहासिक कदम’ करार दिया।

इससे पहले दिन में, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने घोषणा की कि क्षेत्र के सभी सात जिलों में एक ‘स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एएचडीसी) बनाई जाएगी। इससे लेह और करगिल से आगे भी चुने हुए स्थानीय स्व-शासन का मौजूदा ढांचा लागू हो सकेगा।

ग्यालसन ने कहा, ‘‘इस घोषणा से स्थानीय स्व-शासन के लिए लोगों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी हुई है। अगस्त 2019 में केंद्र-शासित प्रदेश बनने, अधिवास के प्रावधान लागू होने और नए जिले बनने के बाद, सभी जिलों में एलएएचडीसी अधिनियम को लागू करना लद्दाख के प्रशासनिक और लोकतांत्रिक विकास में एक और ऐतिहासिक कदम है।’’

उन्होंने 17 नयी तहसीलों के गठन का भी स्वागत किया और कहा कि इस कदम से प्रशासन लोगों के करीब पहुंचेगा और जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था मजबूत होगी।

भाजपा नेता ने सभी नए बने जिलों में अभियांत्रिकी इकाई और विभागीय संभाग बनाने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से विकास की योजना बेहतर होगी और सार्वजनिक निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

ग्यालसन ने कहा कि एलएएचडीसी मॉडल, पहले के स्वायत्त जिजा परिषद (एडीसी) मॉडल की तुलना में अधिक प्रभावी और लचीला साबित हुआ है और यह लद्दाख की विशेष भौगोलिक और प्रशासनिक जरूरतों के लिए सबसे उपयुक्त है।

उन्होंने कहा कि हर जिले को एलएएचडीसी से सशक्त बनाने से स्थानीय शासन मजबूत होगा और फैसले लेने की प्रक्रिया में जनता की अधिक भागीदारी सुनिश्चित होगी।

भाषा धीरज वैभव

वैभव

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