अरुणाचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर, दो जिलों में भूस्खलन

अरुणाचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर, दो जिलों में भूस्खलन

अरुणाचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर, दो जिलों में भूस्खलन
Modified Date: July 17, 2026 / 08:41 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:41 pm IST

ईटानगर, 17 जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और पिछले 24 घंटों में दो जिलों से नए भूस्खलन और बाढ़ की खबरें आई हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी।

राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,13,674 लोग प्रभावित हुए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की शुक्रवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, अपर सुबनसिरी और अपर सियांग जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से नई क्षति हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक राज्य के 26 जिले, 321 सर्किल और 546 गांव मानसून जनित आपदा से प्रभावित हो चुके हैं।

अपर सुबनसिरी जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से गीबा, निलिंग, चेतम और दापोरिजो सर्किल के 35 गांव प्रभावित हुए हैं।

अपर सियांग जिले में कटान सर्किल के सिल्ली गांव में भारी बारिश से 264 लोग प्रभावित हुए हैं। भारी वर्षा के कारण एक जलविद्युत परियोजना को भी नुकसान पहुंचा है।

रिपोर्ट के अनुसार, अपर सियांग सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां 49,259 लोग प्रभावित हैं। इसके बाद सियांग में 25,365, क्रा दादी में 13,731, अपर सुबनसिरी में 9,550, ईस्ट कामेंग में 6,786, नामसाई में 2,657 और अंजाव में 1011 लोग प्रभावित हुए हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्यभर में 804 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 614 कच्चे और 120 पक्के मकान शामिल हैं।

कृषि और बागवानी क्षेत्र में कुल नुकसान बढ़कर 603.75 हेक्टेयर हो गया है, जिसमें 240 हेक्टेयर कृषि भूमि और 363.75 हेक्टेयर बागवानी क्षेत्र शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्यभर में आधारभूत ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। अब तक 177 सड़कें, 28 पुल, 240 पेयजल आपूर्ति सुविधाएं, 156 बिजली लाइनें और 224 बिजली के खंभे प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी इमारतों, स्कूलों, छात्रावासों, अस्पतालों, रिटेनिंग वॉल, बाढ़ सुरक्षा दीवारों, जल निकासी प्रणालियों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।

पशुधन के नुकसान में अब तक 130 पोल्ट्री पक्षियों, 613 छोटे पशुओं और आठ बड़े पशुओं की मौत दर्ज की गई है।

इस बीच, पिछले दो दिनों में आई अचानक बाढ़ से लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं जलापूर्ति विभाग के नाहरलागुन मंडल के अंतर्गत कई जलापूर्ति पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है।

एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पाचिन, प्रेम नगर, ए-सेक्टर, डोकुम कॉलोनी, डाउन पुलिस कॉलोनी, सिनेमा हॉल क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस क्षेत्र, टाकर कॉम्प्लेक्स क्षेत्र, मॉडल विलेज, ब्लॉक-1, ब्लॉक-2, बुक गांव, जी-एक्सटेंशन, पंचायत कॉलोनी, फॉरेस्ट कॉलोनी, अपर और लोअर डैमसाइट, तेगदो डैमसाइट तथा होचांग में जलापूर्ति प्रभावित हुई है।

विभाग ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। सामान्य जलापूर्ति बहाल होने तक उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी के टैंकर लगाए जाएंगे।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को राज्य के कई जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।

विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की आशंका है।

पूर्वानुमान के अनुसार, पापुम पारे जिले में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है।

कुरुंग कुमेय जिले में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की आशंका है।

अंजाव जिले में भी अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने के आसार हैं, जबकि लोहित, पाक्के केसांग और लोअर सुबनसिरी जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

इसके अलावा तवांग, पश्चिम कामेंग और पूर्व कामेंग जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब मौसम के कारण संवेदनशील इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। लोगों को सतर्क रहने और विशेषकर पहाड़ी मार्गों तथा जलभराव एवं भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप


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