गुवाहाटी, 30 जून (भाषा) असम में मंगलवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई और छह जिलों में 46,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
ब्रह्मपुत्र सहित दो प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे विभिन्न हिस्सों में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने अपनी बाढ़ बुलेटिन में बताया कि धेमाजी जिले के सिसिबोरगांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक महिला की मृत्यु हो गई, जो इस वर्ष राज्य में आई बाढ़ से होने वाली पहली मृत्यु है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है, और मंत्री बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे हैं।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, ‘हम बाढ़ नियंत्रण के अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जहां मैं स्थिति की निरंतर गहन निगरानी कर रहा हूं, वहीं मेरे मंत्रिपरिषद के सहयोगी राहत कार्यों और सुरक्षा उपायों की देखरेख करने तथा समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए मौके पर मौजूद हैं।’
जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहाईं और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत ने कई प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और समय पर राहत सुनिश्चित करने के लिए लोगों से बातचीत की।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की विवरणिका के अनुसार धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और विश्वनाथ सहित छह जिलों के 10 राजस्व मंडलों और 221 गांवों के 46,938 लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं।
धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 45,841 लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। सोमवार को पांच जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या 45,500 थी।
नेआमतीघाट पर ब्रह्मपुत्र और नांगलामुराघाट पर दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी।
चार राहत शिविरों में 450 से अधिक विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि छह अन्य राहत सामग्री वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।
राज्य में 3809.0243 हेक्टेयर कृषि भूमि भी बाढ़ के पानी में डूबी हुई है।
इस बाढ़ से 50,000 बड़े पशुओं सहित 88,000 से अधिक मवेशी प्रभावित हुए हैं।
प्राधिकरण की बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ की इस वर्तमान लहर में कई सड़कों सहित बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
भाषा सुमित माधव
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