फाजिल्का, 31 मार्च (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पत्नी की हत्या में दोषी करार दिए जाने के बाद चार साल से फरार एक पूर्व सैन्य अधिकारी को पुलिस ने रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग से उसका ठिकाना पता चलने के बाद मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना में कैप्टन रहे संदीप तोमर को मध्यप्रदेश के पांढुर्णा जिले से गिरफ्तारी के बाद शनिवार को पंजाब के फाजिल्का जिले की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
साल 2013 में फाजिल्का के अबोहर शहर में तैनात तोमर ने अपनी पत्नी श्वेता सिंह की हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, उसने शुरू में इस घटना को आत्महत्या बताने की कोशिश की, लेकिन बाद में विस्तृत जांच से पता चला कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
निचली अदालत ने 2014 में तोमर को उसकी पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 2022 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था।
तोमर को 2019 में जमानत पर जेल से रिहा कर दिया गया था। 2022 में उच्च न्यायालय के उसकी दोष सिद्धि को बरकरार रखने के बावजूद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया।
पुलिस के अनुसार, तोमर तभी से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और ठिकाना बदल रहा था।
तोमर के ससुर राम नरेश ने 2024 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किए जाने का आग्रह किया।
उच्च न्यायालय ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तोमर को पकड़ने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए आठ अप्रैल तक एक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था।
इसके बाद फाजिल्का के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने तोमर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।
पुलिस के मुताबिक, मामले में सफलता तब मिली, जब फाजिल्का पुलिस ने तोमर के पैन कार्ड से जुड़े एक बैंक खाते का पता लगाया, जिसका इस्तेमाल उसने एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए किया था।
पुलिस के अनुसार, इस सुराग के आधार पर तोमर के मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में होने की बात सामने आई, जहां से उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच दल में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि तोमर के बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि वह पांढुर्णा की एक गैस एजेंसी से एलपीजी सिलेंडर भरवाया करता था।
अधिकारी के मुताबिक, संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर तोमर का पता हासिल किया गया और पांढुर्णा पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई, जिसने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी के अनुसार, तोमर को पिछले सप्ताहांत फाजिल्का लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
भाषा पारुल पवनेश
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