Vijay Sharma Press Conference on Naxalism || Image- IBC24 News File
रायपुर: चार दशक पुराने माओवाद के आज खात्मे का आखिरी दिन हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दो साल पहले ‘लाल आतंक’ के खात्मे की डेडलाइन तय की थी। उन्होंने बताया था कि, राज्यों की पुलिस और केंद्रीय बलों के समन्वय के साथ 31 मार्च 2026 तक देशभर के सभी प्रभावित राज्यों को माओवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। (Vijay Sharma PC on Naxalism) इस विषय में कल देश के सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में व्यपाक चर्चा हुई जिसमे अमित शाह ने संसद के सदस्यों को नक्सल विरोधी अभियान के सफलता से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी जानकारियां दी। वही आज इस विषय पर राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी प्रेसवार्ता की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय मंत्री शर्मा ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म हुआ। 2023 तक छत्तीसगढ़ में 75% नक्सली थे और नक्सलियों का 90% आर्म्स कैडर भी यहीं था। उन्होंने कहा कि लाल आतंक को खत्म करने का श्रेय बस्तर की जनता को जाता है, साथ ही आर्म्ड फोर्सेज के पराक्रम को भी। (Vijay Sharma PC on Naxalism) टेक्नोलॉजी बेस्ड इंटेलिजेंस पर विशेष काम हुआ, जिससे सफल और परफेक्ट ऑपरेशन हो सके। नक्सली मारे गए, जबकि जवानों को एक भी खरोंच नहीं आई।
उन्होंने बताया कि जब ऑपरेशंस चल रहे थे, तब विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा थी, लेकिन आरोप लगने शुरू हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि एनकाउंटर फर्जी हैं, जबकि नक्सलियों ने पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की। यह घटना डेढ़ साल पुरानी है। बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाना सेना के जवानों के पराक्रम पर तोहमत लगाने जैसा था। बावजूद इसके, जवानों के साहस की वजह से आज यह स्थिति आई है।
मंत्री शर्मा ने बताया कि उन्होंने विशेष रूप से नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर में समाज के प्रमुखों के साथ लगातार बैठकें कीं। बस्तर के विभिन्न जनजातीय समाजों ने इस प्रक्रिया में सहयोग दिया और कई नक्सलियों को पुनर्वास भी कराया गया। उन्होंने पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया, जिन्होंने अभियान चलाकर नक्सलियों को वापस लाने का काम किया।
सरकार ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कई प्रयास किए। पत्रकार साथियों ने भी नक्सलियों को सुरक्षित लौटने में मदद की। अक्टूबर 2025 में बस्तर के जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुनर्वास लिया, जिसमें 153 हथियार भी जमा किए गए। (Vijay Sharma PC on Naxalism) इसके अलावा, कई पुनर्वास केंद्र बनाए गए, जहां लोगों को vocational training दी गई। पिछले दो वर्षों में लगभग 3000 लोगों ने पुनर्वास लिया है, 2000 आर्म्ड कैडर के लोग गिरफ्तार हुए हैं और 536 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं।
आज नक्सल संगठन का 99% समाप्त हो चुका है। कुछ छोटे समूह कांकेर के नॉर्थ एरिया और दक्षिण में बचे हैं, जिनकी स्थिति पूरी तरह ट्रैक की गई है। इनमें से कई लोगों ने हथियार छोड़कर गांवों में शांति से जीवन बिताना शुरू कर दिया है। सरकार पुनर्वास के लिए अभी भी तैयार है और जो भी नक्सली वापस आना चाहते हैं, उनका स्वागत करती है।
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