गोवा के व्यक्ति ने चप्पल-जूतों के रैक में चैटजीपीटी की मदद से ढूंढी अपनी चप्पल

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गोवा के व्यक्ति ने चप्पल-जूतों के रैक में चैटजीपीटी की मदद से ढूंढी अपनी चप्पल

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  • Publish Date - August 16, 2026 / 04:26 PM IST,
    Updated On - August 16, 2026 / 04:26 PM IST

पणजी, 16 अगस्त (भाषा) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) रोजमर्रा की समस्याओं का अनोखा समाधान भी निकाल सकती है। इसे साबित करते हुए गोवा के एक व्यक्ति ने मंदिर जाने वाले हर श्रद्धालु की सबसे बड़ी परेशानी – जूतों-चप्पलों के ढेर में अपनी चप्पल की जोड़ी खोजने की समस्या – को हल करने के लिए ‘चैटजीपीटी’ का इस्तेमाल किया।

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के बाहर शुभांग बोरकर ने अपने मोबाइल फोन को एक ‘स्कैनर’ की तरह इस्तेमाल किया। वह जूते-चप्पल के रैक की तस्वीरें ‘एआई चैटबॉट’ को भेजते रहे, जब तक कि चैटबॉट ने उनकी गुमशुदा चप्पल को ढूंढ नहीं निकाला।

बोरकर ने चार दिन पहले इंस्टाग्राम पर अपने इस एआई प्रयोग का एक वीडियो साझा किया, जिसका शीर्षक था – ‘अपनी खोई हुई चप्पलें ढूंढने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया।’

खुद को ‘कामकाजी दिनों में हैकर (साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ) और सप्ताहांत में खुद को घूमने-फिरने का शौकीन’ बताने वाले बोरकर ने इस वीडियो में दिखाया कि कैसे मंदिर के बाहर जूते-चप्पलों से भरे रैक में से अपनी चप्पल न मिलने पर उन्होंने एआई का सहारा लिया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले उन्होंने अपने आसपास रखे जूतों-चप्पलों की पंक्तियों का वीडियो बनाया, जिससे यह साफ दिखा कि इतने सारे जूतों में से एक जोड़ी को पहचानना कितना कठिन था। इसके बाद उन्होंने चैटजीपीटी खोलकर उसमें अपनी चप्पलों जैसी दिखने वाली एक पुरानी तस्वीर अपलोड की।

बोरकर ने चैटबॉट को बताया कि वह महाकाल मंदिर में हैं और बाहर रखी चप्पलों के बीच उनकी चप्पल खो गई है। उन्होंने चैटजीपीटी से जूतों के रैक को स्कैन करके उनकी चप्पलें ढूंढने को कहा।

खोज के दौरान वह रैक के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें भेजते रहे, जिससे चैटजीपीटी को सही जोड़ी का मिलान करने में मदद मिली। तस्वीरों का विश्लेषण करने के बाद अंततः एआई टूल ने उन्हें एक खास जगह रखी चप्पलों की ओर इशारा कर दिया।

भाषा सुमित नरेश

नरेश