बेंगलुरु, 23 जनवरी (भाषा) कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा अध्यक्ष यू टी खादर से कांग्रेस के उन विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, जिन पर 22 जनवरी को विधानसभा के भीतर राज्यपाल थावरचंद गहलोत का ‘‘अपमान’’ करने का आरोप है।
भाजपा ने मांग की है कि इस घटना की निंदा करते हुए और राज्यपाल से माफी मांगते हुए विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया जाए।
वहीं, कांग्रेस ने गहलोत पर विधानमंडल के संयुक्त सत्र में राज्य सरकार द्वारा तैयार संबोधन को पढ़ने से इनकार करने और अपने पारंपरिक भाषण को केवल तीन पंक्तियों तक सीमित रख कर ‘‘संविधान के उल्लंघन’’ का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने राज्यपाल पर राष्ट्रगान बजने से पहले सदन से बाहर चले जाने के कारण ‘‘राष्ट्रगान का अपमान’’ करने का भी आरोप लगाया और मांग की कि वह इसके लिए राज्य की जनता और विधानसभा से माफी मांगें।
बृहस्पतिवार को अपने तीन पंक्तियों के भाषण को समाप्त करने के बाद जब राज्यपाल निकास द्वार की ओर बढ़े, तो विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बी के हरिप्रसाद सहित कुछ सत्ताधारी विधायकों ने आपत्ति जताई और नारे लगाकर उनका घेराव किया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हटा दिया।
विपक्षी भाजपा ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष से राज्यपाल का ‘‘अपमान’’ करने वाले कांग्रेस विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, खादर ने कहा कि उन्हें सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए समय चाहिए और वे आने वाले दिनों में अपना फैसला सुनाएंगे।
विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा, ‘‘ राज्यपाल को बैंड की धुन के साथ सम्मानपूर्वक विधानसभा में ले जाया गया, आप (अध्यक्ष), मुख्यमंत्री और अन्य लोग उनके साथ थे, लेकिन जब वे निकले तो उनका समर्थन करने कोई नहीं आया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ वीडियो में देखा जा सकता है कि कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के साथ कैसा व्यवहार किया। अगर किसी ने उन पर हमला कर दिया होता तो क्या होता? सदन आपके अधिकार क्षेत्र में आता है; आपको फैसला सुनाना होगा और कार्रवाई करनी होगी।’’
कर्नाटक के कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने राज्यपाल पर सदन से ‘‘भागने’’ का आरोप लगाया।
पाटिल ने कहा कि राज्यपाल ने विधानमंडल की संयुक्त बैठक में अपना पूरा संबोधन नहीं पढ़ा।
पाटिल ने राज्यपाल पर संयुक्त सत्र में अपने तीन पंक्तियों के भाषण को समाप्त करने के बाद राष्ट्रगान बजने का इंतजार किए बिना ‘‘राष्ट्रगान का अपमान करने और चले जाने’’ का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह संविधान के खिलाफ है; उन्हें कर्नाटक की जनता और सदन से माफी मांगनी चाहिए।’’
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