गुजरात पुलिस ने ‘एपीके फाइल’ भेजकर साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया

Ads

गुजरात पुलिस ने ‘एपीके फाइल’ भेजकर साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया

  •  
  • Publish Date - June 25, 2026 / 04:38 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 04:38 PM IST

अहमदाबाद, 25 जून (भाषा) गुजरात पुलिस ने झारखंड के एक साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ‘‘एपीके फाइल’’ भेजकर लोगों के मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच हासिल करता था और उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा के मुताबिक, मुख्य आरोपी पूर्णानंद उर्फ मुकेश तिवारी ने लोगों के मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने के लिए ‘‘एपीके फाइल’’ और एक ‘‘टेलीग्राम बॉट’’ बनाया था, जिसके जरिए बैंक, सरकारी व अन्य सेवाओं के नाम पर फर्जी ऐप बेचे जाते थे।

पुलिस ने तिवारी और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, जांच में एक अहम बात सामने आई कि इस गिरोह ने ऐसा हथकंडा अपनाया कि ‘एपीके फाइल’ खुद-ब-खुद फैल जाएं। जब कोई पीड़ित एपीके फाइल इंस्टॉल करता था, तो मैलवेयर अपने-आप पीड़ित के सभी व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में साझा हो जाता था।

पुलिस ने बताया कि अगर कोई दूसरा उपयोगकर्ता फाइल डाउनलोड करता था, तो यह श्रृंखला की तरह और फैलती जाती थी, जिससे ये खतरनाक एपीके फाइल कुछ ही दिनों में लाखों मोबाइल फोन तक पहुंच जाते थे।

साइबर अपराध शाखा ने अब तक इस गिरोह का धोखाधड़ी की कई शिकायतों और प्राथमिकी से संबंध पाया है, जिनमें लगभग 54 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन-1930 पर दर्ज साइबर धोखाधड़ी की कई शिकायतों की जांच के बाद, कोलकाता से मिजोरम जा रही एक ट्रेन से तिवारी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अन्य आरोपी विकास दास ने कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले लगभग 400 लोगों को एपीके फाइल उपलब्ध कराई थीं, जबकि आरोपी सीताराम मंडल ने कथित तौर पर धोखाधड़ी की गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इंतजाम किया था।

ये गिरफ्तारियां एक मामले के सिलसिले में की गईं, जिसमें शहर के रहने वाले नरेश सबनानी ने 6.68 लाख रुपये गंवा दिए। धोखाधड़ी करने वालों ने साबरमती गैस लिमिटेड के अधिकारी बनकर उन्हें एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए बहकाया था।

पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों का पहले का आपराधिक रिकॉर्ड है, जिसमें झारखंड और उत्तर प्रदेश में साइबर धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जीवाड़ा के मामले दर्ज हैं।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश