बेंगलुरु, 10 जून (भाषा) कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने बुधवार को राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को अपने पंजीकरण संबंधी दस्तावेज तैयार रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रियंक खरगे अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में रहकर कार्य कर रहे हैं।
सत्तारूढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के अपने पहले दौरे के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में हरिप्रसाद ने कहा कि वह 21 जून को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे।
प्रियंक खरगे के बयान के बारे में पूछे जाने पर हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘प्रियंक खरगे सरकार का हिस्सा हैं। वह गृह विभाग का दायित्व संभाल रहे हैं और संविधान के तहत उन्हें पूरा अधिकार है। उन्होंने जो कहा है, मैं उसका समर्थन करता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खरगे देश के संविधान के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं। उन्हें पूरा अधिकार है। वे (आरएसएस) स्वयं को देशभक्त संगठन बताते हैं तो उसे पंजीकृत होना चाहिए। वे कहते हैं कि यह एक सांस्कृतिक संगठन है, तो उसका पंजीकरण होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है, तो आगे क्या कार्रवाई करनी है, यह निर्णय गृह मंत्री को करना है।’’
हाल ही में प्रियंक खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि वह आरएसएस से कहे कि वह अपने पंजीकरण संबंधी दस्तावेज तैयार रखे।
खरगे ने आरएसएस को ‘‘व्यक्तियों का निकाय’’ (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स) बताते हुए संघ और भाजपा पर उन्हें ‘‘धमकाने और अपशब्द कहने’’ का आरोप लगाया था। उन्होंने इसके लिए एक व्यक्ति की सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया था।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि भाजपा अब तक ‘‘वोट चोरी’’ करती रही है और अब वह ‘‘सीट चोरी’’ के स्तर तक पहुंच गई है।
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