केरल में भारी बारिश जारी, सात जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई

केरल में भारी बारिश जारी, सात जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई

केरल में भारी बारिश जारी, सात जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई
Modified Date: July 15, 2024 / 11:52 am IST
Published Date: July 15, 2024 11:52 am IST

तिरुवनंतपुरम, 15 जुलाई (भाषा) केरल के विभिन्न हिस्सों में लगातार भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का दौर जारी है जिसके चलते अधिकारियों ने सोमवार को सात जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी कुछ घंटों में तिरुवनंतपुरम और कोल्लम जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है।

मौसम विज्ञानियों ने अलप्पुझा और एर्नाकुलम जिलों में एक या दो स्थानों पर मध्यम बारिश का अनुमान जताया है।

पिछले दो दिनों से पूरे राज्य में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है।

अधिकारियों ने बताया कि इससे बड़े पैमाने पर क्षति हुई है। पेड़ उखड़ गए है, भूस्खलन हुए हैं, भारी जलजमाव हुआ है और घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर, कासरगोड, एर्नाकुलम और वायनाड के जिला अधिकारियों ने शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।

इसके साथ ही, विभिन्न बांधों के गेट खोल दिए गए हैं।

पथनमथिट्टा में जिला प्रशासन ने मूझियार बांध के जलग्रहण क्षेत्र में रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है क्योंकि इस बांध के गेट भी खोले जाने के आसार हैं।

केरल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि प्रमुख सड़कों पर जलभराव और कम दृश्यता के कारण जाम की समस्या भी हो सकती है।

इसने कहा कि निचले इलाकों और नदी तटों के कई हिस्सों में बाढ़ और पेड़ों के उखड़ने से बिजली अवसंरचनाओं को नुकसान हो सकता है।

आईएमडी ने पहले ही उत्तरी मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड जिलों में सोमवार के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है और एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

‘रेड अलर्ट’ का मतलब है कि 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक भारी से अत्यंत भारी बारिश के आसार, जबकि ‘ऑरेंज अलर्ट’ का मतलब है कि 11 से 20 सेंटीमीटर तक बेहद भारी बारिश।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में