‘अगर आप नयी दिल्ली में चुनाव लड़तीं तो लाखों वोटों से जीत जातीं’: मेलोनी ने भारत यात्रा को याद किया

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'अगर आप नयी दिल्ली में चुनाव लड़तीं तो लाखों वोटों से जीत जातीं': मेलोनी ने भारत यात्रा को याद किया

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 05:23 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 05:23 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक नई पुस्तक में 2023 की अपनी भारत यात्रा का एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए बताया है कि उनके स्वागत में नई दिल्ली की सड़कों पर उनकी मुस्कुराती तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए गए थे और यात्रा के बाद उन्हें धन्यवाद देने वाले पोस्टर भी लगाए गए थे।

पत्रकार अलेस्सांद्रो साल्लुस्ती के साथ मेलोनी की बातचीत पर आधारित पुस्तक ‘जॉर्जिया विजन’ में मेलोनी ने कहा कि इन पोस्टरों को देखकर उनके साथ भारत यात्रा पर आए इटली के उपप्रधानमंत्री एंतोनियो तजानी ने मजाक में कहा था कि यदि वह नयी दिल्ली की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ें तो उन्हें ‘‘10 लाख वोट’’ मिल जाएंगे।

मेलोनी ने मार्च 2023 की अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए कहा, ‘‘जब मैं पहुंची, तो सड़क के किनारे हर कुछ दूरी पर मेरी तस्वीर और ‘वेलकम’ लिखा पोस्टर लगा हुआ था। जब मैं वापस लौटी, तो मेरी तस्वीरों वाले पोस्टरों पर ‘यात्रा के लिए धन्यवाद’ लिखा हुआ था।’’

इटली की प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मेरे साथ मौजूद मेरे सहयोगी एंतोनियो तजानी ने मजाक में कहा, ‘इतने सारे पोस्टरों के साथ यदि आप नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ें, तो आपको दस लाख वोट मिल जाएंगे।’’

मेलोनी ने 2023 में दो बार भारत का दौरा किया था।

उन्होंने मार्च में ‘रायसीना डायलॉग’ के आठवें संस्करण में भाग लेने के लिए और सितंबर में जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत की यात्रा की थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखने वाली इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ता प्यार से ‘‘मेलोडी’’ जोड़ी का हिस्सा कहते हैं।

किताब के अध्याय ‘हेड हेल्ड हाई अमंग द वर्ल्ड ग्रेट्स’ में कहा गया है कि सफल कूटनीति के लिए अक्सर औपचारिकताओं की कठोर सीमाओं से आगे बढ़कर दूसरों से जुड़ने का ‘‘अपना व्यक्तिगत तरीका’’ खोजना पड़ता है।

पुस्तक में मेलोनी के हवाले से कहा गया है, ‘‘कुछ चुटीले शब्द, कोई निजी किस्सा या कोई साझा रुचि बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।’’

मेलोनी ने कई प्रसंगों के माध्यम से इस दृष्टिकोण को स्पष्ट किया है।

पुस्तक के अनुसार, कई बार महत्वपूर्ण कूटनीतिक रिश्तों की शुरुआत बेहद मामूली दिखने वाले क्षणों से होती है, चाहे वह समुद्र किनारे पी गई एक सिगरेट हो, द लार्ड आफ रिंग्स की काल्पनिक दुनिया ‘मिडिल-अर्थ’ पर हुई बातचीत, गुलाबों का एक गुलदस्ता या जापान से मिला किसी बच्चे का खिलौना।

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उनके कुछ सबसे ‘‘मजबूत कूटनीतिक संबंध’’ अनौपचारिक सिगरेट ब्रेक के दौरान बने।

ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद के साथ मेलोनी की पहली मुलाकात हुई थी। मेलोनी ने सईद को ‘‘दृढ़ इच्छाशक्ति वाले नेता’’ और ‘‘कुशल वार्ताकार’’ बताया।

करीब दो घंटे तक चली द्विपक्षीय बैठक के बाद सईद ने मेलोनी को अपने आवास से समुद्र का दृश्य देखने के लिए आमंत्रित किया।

मेलोनी ने बताया कि 13 वर्ष बाद दोबारा धूम्रपान शुरू करने के बाद उन्होंने झिझकते हुए पूछा कि क्या वह एक सिगरेट जला सकती हैं।

उनके इस अनुरोध से अप्रत्याशित रूप से माहौल बदल गया।

मेलोनी ने बताया, ‘‘वह बेहद खुश हो गए। उन्होंने भी अपनी सिगरेट की डिब्बी निकाल ली और कॉफी-सिगरेट का वह हमारा साझा पल बन गया।’’

पुस्तक में मेलोनी ने कई विदेशी नेताओं के साथ अपने संवाद और व्यक्तिगत मित्रताओं का भी उल्लेख किया है।

इनमें अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा भी शामिल हैं, जिन्हें उन्होंने अपने जीवन में मिले सबसे सहज और दिलचस्प व्यक्तियों में से एक बताया है।

मेलोनी ने कहा कि इतालवी भाषा में पारंगत और इटली की राजनीति की गहरी समझ रखने वाले रामा समसामयिक मुद्दों पर नियमित रूप से उन्हें संदेश भेजते रहते हैं।

उन्होंने सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक के साथ अपनी मित्रता का भी जिक्र किया, जिन्हें उनकी तरह इतालवी वाइन पसंद है और जिन्होंने एक बार उनके जन्मदिन पर उन्हें नारंगी गुलाबों का गुलदस्ता भेंट कर चौंका दिया था।

मेलोनी के अनुसार, पूर्व जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने हिरोशिमा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी बेटी जिनेव्रा के लिए उन्हें एक विशाल गुड़िया भेंट की थी।

उन्होंने बताया कि पोलैंड में तत्कालीन प्रधानमंत्री मातेउश मोराविएकी ने उनकी एक अन्य रुचि को ध्यान में रखा।

मेलोनी ने कहा, ‘‘जब मैं वारसॉ गई थी, तब पोलैंड के प्रधानमंत्री मातेउश मोराविएकी, जो जानते थे कि मुझे टॉल्किन कितना पसंद है, मुझे ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ विषय पर आधारित एक कैफे में कॉफी पिलाने ले गए। वहां हम ‘मिडिल-अर्थ’ के एक विशाल और खूबसूरत मानचित्र के सामने खड़े होकर बातचीत करते रहे।’’

उन्होंने कहा कि एक और भावुक कर देने वाला कदम उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव की ओर से उठाया गया।

रोम में द्विपक्षीय बैठक से पहले उन्होंने मेलोनी की आत्मकथा ‘आई एम जॉर्जिया’ का उज्बेक भाषा में अनुवाद कराया और उसकी प्रति उन्हें भेंट की।

पत्रकार साल्लुस्ती के साथ स्पष्ट और बेबाक बातचीत की शृंखला के रूप में तैयार की गई ‘जॉर्जिया विजन’ पारंपरिक राजनीतिक आत्मकथा से आगे बढ़कर ‘‘नेतृत्व, राष्ट्रीय पहचान, योग्यता आधारित व्यवस्था, परिवार, आस्था और पश्चिमी सभ्यता के भविष्य’’ जैसे विषयों पर व्यापक विमर्श प्रस्तुत करती है।

पुस्तक की भूमिका अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने लिखी है।

रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक की कीमत 695 रुपये है और यह फिलहाल ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दुकानों पर उपलब्ध है।

भाषा

राखी नरेश

नरेश