नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली (आईएफएफडी) का समापन मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर बनी फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ और लोकमाता देवी अहिल्याबाई पर एक लघु फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ हुआ।
एक बयान के अनुसार, फिल्मों की स्क्रीनिंग भारत मंडपम में आयोजित की गई।
दिल्ली के कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ऐसी फिल्में युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय हस्तियों के योगदान को समझने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘शतक’ आरएसएस की विचारधारा और विकास को दर्शाती है और विभिन्न राष्ट्रीय आंदोलनों में इसके स्वयंसेवकों की भूमिका को उजागर करती है।
मंत्री के अनुसार, यह फिल्म केशव बलिराम हेडगेवार, माधव सदाशिवराव गोलवलकर और बालासाहेब देवरस जैसे नेताओं के योगदान और पिछले एक सदी में संगठन की यात्रा को आकार देने में उनकी भूमिका को दर्शाती है।
लघु फिल्म के बारे में बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने के अलावा, मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, महाकाल, सोमनाथ और केदारनाथ सहित कई धार्मिक स्थलों का विकास या जीर्णोद्धार किया गया है।
मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली रचनात्मक उद्योगों और मनोरंजन के केंद्र के रूप में उभर रही है।
बयान में कहा गया है कि अपने पहले संस्करण में, आईएफएफडी को 100 से अधिक देशों से 2,100 से अधिक फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से 47 देशों की 125 से अधिक फिल्मों को राष्ट्रीय राजधानी के 15 स्थानों पर प्रदर्शित किया गया।
इसमें कहा गया है कि महोत्सव में 30,000 से अधिक पंजीकरण हुए।
भाषा अमित माधव
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