Yuva MLA Sammelan Bhopal /Image Credit: IBC24.in
Yuva MLA Sammelan Bhopal: भोपाल: मध्यप्रदेश, छतीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायक हैं, जो एमपी की विधानसभा में दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुए। अलग अलग विधा के लोगों ने इन्हें ज्ञान दिया, लेकिन पहले बात करेंगे उस उल्लेखनीय ज्ञान की जो मध्यप्रदेश विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने दिया। वैसे कटारे के इस्तीफा देने के बाद वो उपनेता प्रतिपक्ष हैं या पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष इसका स्टेट्स भले क्लियर नहीं है,लेकिन इनका कहना है कि मुफ्त की तमाम योजनाएं सभी राज्यों को बंद कर देना चाहिए। (Yuva MLA Sammelan Bhopal) इसके पीछे उनका तर्क है कि – फ्रीबीज से जनता को मुफ्तखोरी की लत लगा रही है। विकसित भारत के लिए ऐसी योजनाए हानिकारक हैं।
अब बात दूसरे उल्लेखनीय ज्ञान की, जो एमपी के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने दिया। (Yuva MLA Sammelan Bhopal) उन्होंने पुराणों और इतिहास के हवाले से कहा कि- नेताओं को अपने बच्चों को जबरदस्ती राजनीति में नहीं लेकर आना चाहिए, ऐसा करने से कई बार अपनी राजनीति खराब हो जाती है। बच्चों में दम होगा, तो वे खुद राजनेता बन जाएंगे। इसके समर्थन में उन्होंने भगवान् कृष्ण और सम्राट विक्रमादित्य का भी उदाहरण दिया।
Yuva MLA Sammelan Bhopal: यूँ तो दोनों ही ज्ञान में दम तो है और लगभग सभी सैद्धांतिक तौर पर इससे सहमत होंगे, लेकिन सवाल ये है कि कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे की पार्टी वाली सरकार कई राज्यों में मुफ्त वाली कई योजनायें चला रही है। ऐसे में क्या कटारे अपनी ही पार्टी की विचारधारा को चैलेंज कर रहे हैं? (Yuva MLA Sammelan Bhopal) सवाल ये भी कि – सीएम मोहन क्या अपने भाषण के ज़रिए बीजेपी के नेताओं को भी भविष्य का कोई ख़ास संकेत दे रहे थे ? सवाल ये भी कि- मंच पर कैलाश विजयवर्गीय और नरेंद्र तोमर की मौजूदगी में सीएम मोहन के बयान के क्या मायने हैं?सवाल ये भी कि-यदि नेता पुत्र राजनीति नहीं करेंगे तो फिर क्या करेंगे?
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