मतदाता नाम जोड़ने या हटाने के लिए हमारे पास कोई सॉफ्टवेयर नहीं: बंगाल के निर्वाचन अधिकारी

Ads

मतदाता नाम जोड़ने या हटाने के लिए हमारे पास कोई सॉफ्टवेयर नहीं: बंगाल के निर्वाचन अधिकारी

  •  
  • Publish Date - March 31, 2026 / 10:54 PM IST,
    Updated On - March 31, 2026 / 10:54 PM IST

कोलकाता, 31 मार्च (भाषा) विधानसभा चुनाव से पहले फॉर्म 6 के जरिए मतदाता सूची में हेराफेरी के तृणमूल कांग्रेस के आरोप पर पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय में किसी भी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने के लिए कोई सॉफ्टवेयर नहीं है।

फॉर्म 6 पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने या किसी मतदाता को एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए भरा जाता है।

राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल के बाहर के अवैध मतदाताओं को राज्य की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है ताकि चुनाव परिणाम को अपने पक्ष में मोड़ा जा सके।

इस आरोप पर अग्रवाल ने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि यह एक सरकारी कार्यालय है, यहां दस्तावेज जमा करने के लिए एक इकाई है, और कोई भी व्यक्ति जितने चाहे उतने दस्तावेज जमा कर सकता है।’’

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ एक लाख दस्तावेज भी हो सकते हैं या एक व्यक्ति द्वारा एक दिन में एक दस्तावेज भी जमा किया जा सकता है। कार्यालय प्रमुख होने के नाते मुझे इसकी जानकारी नहीं है। इस संबंध में नियम है। मुझे यह जानने की आवश्यकता नहीं है कि कौन क्या जमा कर रहा है। दस्तावेजों को अलग-अलग किया जाता है और फिर यदि आवश्यक हो तो उन्हें मेरे पास भेजा जाता है। मुझे पता चला है कि हमें कुछ फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सीईओ के कार्यालय में ऐसा कोई सॉफ्टवेयर नहीं है जिसके माध्यम से नाम जोड़े या हटाए जा सकें। यदि किसी के खिलाफ फर्जी मतदाता होने का आरोप लगता है, तो संबंधित अधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन करते हैं और फिर रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को सौंपी जाती है।’’

इससे पहले, उन्होंने अपने कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज पर गौर करने का वादा किया। उन्होंने यह वादा तृणमूल कांग्रेस के उस आरोप के बाद किया जिसमें कहा गया है कि एक भाजपा नेता का प्रतिनिधि अन्य राज्यों के निवासियों को यहां मतदाता के रूप में पंजीकृत कराने के लिए फॉर्म 6 से भरी बोरी लेकर आया था।

अग्रवाल ने आगाह किया कि कि गलत दावे कर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

भाषा अविनाश अमित

अमित