केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 13 जुलाई (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भुवनेश्वर ने ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में वार्षिक रथयात्रा के दौरान भगवान बलदेवज्यू के पवित्र रथ के संचालन में बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए कई सुधारों की सिफारिश की है।
ये सिफारिशें भगवान बलदेवज्यू के 65 फीट ऊंचे पवित्र ‘ब्रह्म तालध्वज’ रथ को ‘रथ दांड’ (मुख्य मार्ग) पर आगे बढ़ाने और मोड़ने में पिछले कई वर्षों से आ रही दिक्कतों को देखते हुए की गई हैं।
पिछले तीन-चार सालों से त्योहार के दौरान इस विशाल लकड़ी के रथ के संचालन में बार-बार आ रही बाधाओं के बाद, श्री बलदेवज्यू मंदिर प्रशासन ने आईआईटी भुवनेश्वर से मदद मांगी थी।
संस्थान के मैकेनिकल साइंसेज (यांत्रिक विज्ञान) विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मानस रंजन पटनायक के नेतृत्व में एक दल ने रथ की बनावट, उसके संचालन और लंबे समय तक उसके रख-रखाव की जरूरतों का व्यापक अध्ययन किया।
रिपोर्ट के अनुसार, पुश्तैनी कारीगरों द्वारा हर साल पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करके नए सिरे से बनाए जाने वाले इस रथ का आधुनिक तकनीकी उपकरणों के जरिए कभी भी व्यापक दस्तावेजीकरण नहीं किया गया था।
जांच में पाया गया कि रथ को हर साल जोड़ने (बनाने) और फिर से खोलने (तोड़ने) के कारण लकड़ी में स्थानीय स्तर पर कमजोरी, ढांचे के पुराने पड़ते हिस्से, जोड़ों में कमियां और रख-रखाव से जुड़ी चुनौतियां बढ़ रही थीं।
भाषा सुमित वैभव
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