आईआईटी रुड़की ने उन्नत लिथियम आयन बैटरी प्रोद्यौगिकी हेतु दो प्रोद्यौगिकी हस्तांतरण समझौते किये

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आईआईटी रुड़की ने उन्नत लिथियम आयन बैटरी प्रोद्यौगिकी हेतु दो प्रोद्यौगिकी हस्तांतरण समझौते किये

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 09:02 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 09:02 PM IST

देहरादून, 22 मई (भाषा) रुड़की के भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी—आर) ने ‘लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रोड’ प्रौद्योगिकियों के आगे के विकास एवं व्यवसायीकरण हेतु दो प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

आईआईटी—आर के प्रोफेसर अंजन सिल द्वारा विकसित इन प्रोद्यौगिकियों को व्यवसायीकरण के लिए ‘कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड’ को हस्तांतरित किया गया है।

यह हस्तांतरण स्वदेशी बैटरी प्रौद्योगिकी विकास को गति देने के अलावा भारत के उन्नत ऊर्जा भंडारण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है ।

हस्तांतरित की गई दो प्रौद्योगिकियों में ‘रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी में उच्च शक्ति एवं उच्च ऊर्जा अनुप्रयोग हेतु एक नवीन इलेक्ट्रोड कॉम्पोजिट’ और ‘लिथियम-आयन बैटरी हेतु एक उच्च-प्रदर्शन कॉम्पोजिट इलेक्ट्रोड’ शामिल हैं ।

इन प्रौद्योगिकियों का फोकस ‘रिचार्जेबल लिथियम-आयन’ बैटरियों के विद्युत-रासायनिक प्रदर्शन, ऊर्जा घनत्व, चार्जिंग क्षमता तथा समग्र दक्षता को बढ़ाने पर है।

इन नवाचारों से ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’,‘पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स’ तथा नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुशल एवं सतत ऊर्जा भंडारण समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है ।

इस मौके पर दोनों प्रौद्योगिकियों के आविष्कारक प्रोफेसर सिल ने कहा, “इन प्रौद्योगिकियों का हस्तांतरण प्रयोगशाला-स्तरीय अनुसंधान को प्रभावशाली औद्योगिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य उन्नत इलेक्ट्रोड सामग्रियों का विकास करना रहा है, जो उच्च-प्रदर्शन एवं विश्वसनीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की बढ़ती मांग को पूरा कर सकें।”

‘कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हरि राज ने कहा, “हमें इन उन्नत लिथियम-आयन बैटरी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण हेतु आईआईटी रुड़की के साथ सहयोग करके प्रसन्नता हो रही है। इन नवाचारों में बैटरी प्रदर्शन को बेहतर बनाने तथा तीव्र गति से विकसित हो रहे ऊर्जा भंडारण एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्रों को समर्थन देने की मजबूत क्षमता है।”

इन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों को आईआईटी—आर के प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श (एसआरआईसी) के तहत बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ द्वारा सुगम बनाया गया । एसआरआईसी के डीन प्रोफेसर विवेक के. मलिक ने कहा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण आईआईटी रुड़की के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण घटक है ।

आईआईटी—आर के निदेशक प्रोफेसर केके पंत ने कहा, ‘‘आईआईटी रुड़की प्रभावशाली अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। ’’

भाषा दीप्ति राजकुमार

राजकुमार