अरब सागर में जहाजों की टक्कर के संबंध में पाकिस्तान के आरोपों को भारत ने किया खारिज

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अरब सागर में जहाजों की टक्कर के संबंध में पाकिस्तान के आरोपों को भारत ने किया खारिज

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  • Publish Date - September 18, 2026 / 10:08 PM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 10:08 PM IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) भारत ने अरब सागर में एक पाकिस्तानी जहाज और भारतीय नौसेना के युद्धपोत के बीच हुई टक्कर के बारे में इस्लामाबाद के आरोपों को शुक्रवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह घटना पड़ोसी देश के जहाज की ‘‘खतरनाक’’ गतिविधियों के कारण हुई।

भारतीय पक्ष के अनुसार, यह घटना मंगलवार रात को हुई, जब पाकिस्तानी जहाज उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के अग्रिम मोर्चे के युद्धपोत के करीब आ गया।

भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के दूतावास प्रभारी साद वरैच को तलब किया था और राजनयिक स्तर पर विरोध दर्ज कराया था।

इसके बाद, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के दूतावास प्रभारी सत्यंजल पांडे को तलब किया और आरोप लगाया कि भारतीय युद्धपोत की ‘‘आक्रामक’’ गतिविधि के कारण यह टक्कर हुई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी नियमित प्रेस वार्ता में शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तानी जहाज ने 1991 के उस समझौते का उल्लंघन करते हुए ‘‘खतरनाक’’ गतिविधि की, जिसके तहत नौसेना के जहाजों को तीन समुद्री मील की दूरी बनाए रखनी होती है।

जयसवाल ने भारतीय युद्धपोत की पहचान आईएनएस कोलकाता के तौर पर की, जो एक मिसाइल विध्वंसक है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे जताये गए विरोध पर हमने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया देखी है। यह वही टालमटोल वाला रवैया है जिसकी हमें उम्मीद थी। हम उसमें शामिल आरोपों और आक्षेपों को खारिज करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय जहाज आईएनएस कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में नियमित तैनाती पर था, तभी पाकिस्तानी नौसेना के जहाज ‘हुनैन’ ने समुद्र में ‘अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर तरीके’ से व्यवहार किया, जिसके परिणामस्वरूप टक्कर हुई।

जायसवाल ने कहा, ‘‘पीएनएस हुनैन द्वारा खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने का कदम, अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्याभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही के बारे में अग्रिम सूचना देने के लिए हुए समझौते के अनुच्छेद 10 का गंभीर उल्लंघन है। इस अनुच्छेद में कहा गया है कि समुद्र में नौसेना की इकाइयां एक-दूसरे से तीन समुद्री मील से कम दूरी पर नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, पाकिस्तानी जहाज ने समुद्र में टक्कर रोकने के अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन किया।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को एक बार फिर सलाह दी गई है कि उसकी सभी सैन्य इकाइयां (पोत आदि) सावधानी बरतें और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए दोनों पक्षों के बीच संबंधित समझौतों के प्रावधानों का सम्मान करें।

जायसवाल ने कहा कि इस घटना में आईएनएस कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और वह समुद्र में ही तैनात है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि यह घटना पाकिस्तान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में भारतीय पोत द्वारा की गई ‘‘अत्यंत उकसाने वाली और अस्वीकार्य कार्रवाई’’ के बाद हुई।

भाषा सुभाष माधव

माधव

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