भारतीय शोधकर्ताओं ने त्वचा के कैंसर के उपचार के लिए एक बैंडेज बनाने का दावा किया

भारतीय शोधकर्ताओं ने त्वचा के कैंसर के उपचार के लिए एक बैंडेज बनाने का दावा किया

भारतीय शोधकर्ताओं ने त्वचा के कैंसर के उपचार के लिए एक बैंडेज बनाने का दावा किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: October 8, 2020 11:06 am IST

बेंगलुरु,आठ अक्टूबर (भाषा) इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने त्वचा के कैंसर के उपचार के लिए चुंबकीय नैनोफाइबर वाला एक बैंडेज तैयार किया है जो ट्यूमर कोशिकाओं को समाप्त करता है।

त्वचा का कैंसर मुख्य रूप से सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणों के ज्यादा देर तक संपर्क में रहने के कारण होता है।

त्वचा के कैंसर के उपचार के लिए सर्जरी,रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी की जाती है। लेकिन इन उपचार और अन्य पारंपरिक उपचार पद्धतियों की अपनी एक सीमा है।

हाल के दिनों में त्वचा के कैंसर के उपचार के लिए एक पद्धति सामने आई है जिसे ‘हाइपरथेर्मियां’ कहते हैं और इसमें केवल प्रभावित ऊतकों को गर्मी (हीट) दी जाती है।

आईआईएससी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि हाल के वर्षों में शोधकर्ता ट्यूमर के ऊतकों को गर्मी पहुंचाने के तरीकों को विकसित करने पर काम कर रहे हैं ताकि केवल उन्हीं कोशिकाओं को प्रभावी तरीके से लक्ष्य किया जा सके।

अब आईआईएससी में सेंटर फॉर बायोसिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (बीएसएसई) और आणविक प्रजनन, विकास और आनुवांशिकी (एमआरडीजी) विभाग के शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रोस्पिनिंग नामक विधि का उपयोग करके एक पट्टी विकसित की है। इसमें चुंबकीय नैनो फाइबर का इस्तेमाल किया गया है जो सीधे प्रभावित कैंसर कोशिका को गर्मी दे कर उसे समाप्त करने में मदद कर सकती है।

बीएसएसई में शोधकर्ता रह चुकी और अध्ययन में सह लेखिका शिल्पी जैन ने कहा कि अभी इस उपचार पर और परीक्षण किए जाने की जरूरत है।

भाषा

शोभना नरेश

नरेश


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