भाजपा शासन में देश का लोकतंत्र गहरे संकट का सामना कर रहा है : बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष

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भाजपा शासन में देश का लोकतंत्र गहरे संकट का सामना कर रहा है : बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 04:14 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 04:14 PM IST

कोलकाता, 21 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के शासन में देश का लोकतंत्र “गहरे संकट” में है।

उन्होंने निवार्चन आयोग पर केंद्र सरकार के “इशारे पर काम करने” का भी आरोप लगाया।

सरकार ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित “वोट चोरी” के खिलाफ चल रही मुहिम महज राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि “संविधान बचाने” की लड़ाई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “वोट चोरी” के बाद अब “पार्टी के चुनाव चिह्न चुराने” की राजनीति शुरू हो गई है। उन्होंने इसके लिए महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा से जुड़े घटनाक्रम का हवाला दिया।

सरकार ने आरोप लगाया, “महाराष्ट्र के इसी मॉडल को पश्चिम बंगाल में लागू किया जा रहा है।”

पश्चिम बंगाल में चार महीने पुरानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का जिक्र करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि “डर बाहर, भरोसा अंदर” के नारे के बावजूद पूरे राज्य में भय का माहौल बना दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों की दुकानों और घरों को ढहाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि असहमति की आवाजों को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, “यह पश्चिम बंगाल की संस्कृति नहीं है। यह भाजपा द्वारा उत्तर प्रदेश के ‘योगी मॉडल’ को यहां लाकर की जा रही राजनीति है।”

सरकार ने दावा किया कि राज्य में एक नया राजनीतिक माहौल बन रहा है, जिसमें भाजपा विरोधी दल और “लोकतांत्रिक ताकतें” धीरे-धीरे एकजुट हो रही हैं।

उन्होंने सभी भाजपा विरोधी ताकतों से अपील की कि वे ऐसा कुछ न कहें या न करें, जिससे उनके बीच मतभेद पैदा हों।

सरकार ने कहा, “यह लड़ाई अब महज सत्ता हासिल करने की लड़ाई नहीं रह गई है। यह विचारधारा और राजनीतिक सोच की लड़ाई है।” उन्होंने कहा कि इस लड़ाई का नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं।

रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव नजदीक आने के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा विरोधी मतदाताओं से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों अब्दुल्लाहिल काफी और मिलन प्रधान को समर्थन देने की अपील की।

उन्होंने मतदाताओं से कांग्रेस के चुनाव चिह्न हाथ के पंजे पर दोनों उम्मीदवारों को “भारी अंतर” से जिताने की अपील की।

दोनों सीटों पर उपचुनाव छह अक्टूबर को होने हैं।

प्रधान को 2007 में पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम और खेजुरी में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े कई मामलों में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भारी जनादेश मिलने के बावजूद भाजपा “फासीवाद और तानाशाही का दौर” चला रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा नंदीग्राम उपचुनाव में अपनी जीत को “बुलडोजर के दम पर थोपने” की कोशिश कर रही है।

भाषा तान्या प्रशांत

प्रशांत