नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर वृद्धि होने के बाद सोमवार को आरोप लगाया कि ‘महंगाई मानव’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव के समय वादे करते हैं और बाकी समय जनता की जेब पर वार करते हैं।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी मोदी सरकार द्वारा रोजाना की जाने वाली ‘डकैती’ है और इसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर वृद्धि की गयी। पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल के दाम 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ाये गये हैं।
पिछले दो सप्ताह से भी कम समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह चौथी बार बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 102.12 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 99.51 रुपये प्रति लीटर थी। डीजल के दाम 2.71 रुपये बढ़ाकर 95.20 रुपये प्रति लीटर कर दिए गए हैं, जो पहले 92.49 रुपये प्रति लीटर थे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला। पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं, ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।’
उन्होंने कहा, ‘मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल आठ रुपये महंगा कर दिया। ये वृद्धि होती ही जाएगी।’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ‘महंगाई मानव’ मोदी का एक ही काम… चुनाव में वादे और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार करना है।
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘ईंधन लूट का रोजाना होने वाला आक्रमण अभी ख़त्म नहीं हुआ है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी की है। पेट्रोल की कीमत में 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 7.53 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने आम लोगों की बचत को जलाने के लिए पेट्रोल छिड़का है।
कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है, ‘वर्ष 2004 से 2014 के बीच, संप्रग सरकार के दौरान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 175.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मोदी सरकार के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें एक प्रतिशत भी नहीं बढ़ीं। इसके बावजूद मोदी सरकार में पेट्रोल की कीमतें 2014 में 71.41 प्रति लीटर से बढ़कर 2026 में 102.12 प्रति लीटर हो गईं। यह तो 43.01 प्रतिशत की वृद्धि हुई। डीजल की कीमतें 56.71 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गईं यानी 67.87 प्रतिशत की वृद्धि हुई।’
उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार पिछले 12 वर्षों में 43 लाख करोड़ रुपये लूट चुकी है।
खरगे ने सवाल किया कि रोजाना होने वाली इस डकैती से किसे लाभ हो रहा है?
भाषा हक तान्या मनीषा
मनीषा