राजस्थान में साइबर अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

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राजस्थान में साइबर अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

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  • Publish Date - February 9, 2026 / 08:38 PM IST,
    Updated On - February 9, 2026 / 08:38 PM IST

जयपुर, नौ फरवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य में साइबर अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए सभी संबंधित विभागों को सोमवार को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और उसे लागू करने के निर्देश दिए।

साइबर अपराध नियंत्रण पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए निरंतर, समन्वित और प्रभावी प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि जनजागरुकता अभियानों से लेकर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक की गतिविधियां योजनाबद्ध तरीके से संचालित की जा रही हैं।

इस बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा साइबर सुरक्षा से संबंधित पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में साइबर प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली का विवरण मांगा और क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में साइबर प्रकोष्ठ की स्थापना को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी जांच क्षमता को मजबूत किया जा सके।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। राज्यभर में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं ताकि आमजन को त्वरित सहायता मिल सके।

श्रीनिवास ने बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी बल दिया। उन्होंने संदिग्ध खातों की सतत निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों के इस्तेमाल और डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को साइबर अपराधों के बारे में शिक्षित किया जा सके।

इस बैठक में गृह, पुलिस, आईटी विभाग, वित्त और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

भाषा

बाकोलिया

राजकुमार रवि कांत