नयी दिल्ली, नौ मई (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन द्वारा पाकिस्तान को तकनीकी मदद मुहैया कराए जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन सरकार ने बीजिंग के समक्ष इस मामले को क्यों नहीं उठाया।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इससे जुड़े विषयों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
रमेश ने ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक खबर का उल्लेख करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मोदी सरकार की चीन के समक्ष निरंतर समर्पण की नीति के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से चीन की भूमिका की पुष्टि हुई है। चीन के उन्नत लड़ाकू विमान और मानव रहित हवाई यान के प्रमुख निर्माता, ‘एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना’ के ‘चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट’ के इंजीनियरों ने पुष्टि की है कि उन्होंने पाकिस्तानी वायुसेना को तकनीकी सहायता प्रदान की थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई रहस्य नहीं रहा। यह उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह थे जिन्होंने पहली बार चार जुलाई 2025 को सार्वजनिक रूप से चीन की भूमिका का विवरण प्रकट किया था।’’
रमेश ने कहा, ‘‘5.6 इंच की छाती और आंसू भरी लाल आंख वाले प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने 19 जून, 2020 को चीन को क्लीन चिट क्यों दी और हमारी बातचीत की स्थिति को पूरी तरह से कमजोर कर दिया?’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मोदी सरकार लद्दाख में कई स्थानों पर हमारे पारंपरिक गश्त और चरवाहा अधिकारों के नुकसान पर क्यों सहमत हुई है?’’
रमेश ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन सरकार की इतनी खुली शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ मोदी सरकार एक हल्की आवाज तक उठाने में क्यों विफल रही? चीन पर निवेश और व्यापार संबंधी प्रतिबंधों में ढील क्यों दी जा रही है और सरकार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुके आयातों के जरिए हमारी औद्योगिक निर्भरता को चीन पर और बढ़ाने की कोशिश क्यों कर रही है?’’
उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
भाषा हक नेत्रपाल
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