अपनी आवाज उठाने के लिए साहस और देश के प्रति प्रेम की जरूरत होती है: मिस यूनिवर्स इंडिया

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अपनी आवाज उठाने के लिए साहस और देश के प्रति प्रेम की जरूरत होती है: मिस यूनिवर्स इंडिया

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 07:59 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 07:59 PM IST

जयपुर, 25 अगस्त (भाषा) मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 विजेता केजिया लिज मेजो ने हाल ही में दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं में जवाबदेही की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे युवाओं के साहस की तारीफ की और कहा कि सही बात के लिए आवाज उठाना देश के प्रति प्रेम व गर्व को दिखाता है।

रविवार रात जयपुर में हुए खिताबी मुकाबले में खिताब जीतने वाली मेजो ने कहा कि उन्हें निडर और एक-दूसरे का साथ देने वाली पीढ़ी का हिस्सा होने पर गर्व है।

हाल में दिल्ली में हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर मेजो ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मैं उन सभी छात्रों और हर उस व्यक्ति को सलाम करती हूं, जो सही के लिए आवाज उठाने और प्रदर्शन करने के लिए आगे आया। उन सभी लोगों को भी सलाम, जिन्होंने देश की बेहतरी के लिए हाथ मिलाया।”

उन्होंने कहा, “अपनी बात कहने के लिए बहुत साहस चाहिए होता है। इसके लिए अपने देश के प्रति बहुत गर्व और प्रेम होना चाहिए।”

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए इस आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने किया था। आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और नीट पेपर लीक के खिलाफ 20 जून को शुरू हुआ था और बाद में देश के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया था।

यह आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने का बाद 25 जुलाई को खत्म हुआ। सरकार ने कॉजपा के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद उनकी अन्य मांगों को भी मान लिया, जिनमें आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देना और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियां वापस लेना शामिल था।

मेजो ने कहा कि उन्हें ऐसी पीढ़ी का हिस्सा होने पर “बेहद गर्व” है।

उन्होंने कहा, “मैं जिस भारत का प्रतिनिधित्व करती हूं, वह यही भारत है।”

केरल की 19 वर्षीय मेजो अब मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

उन्होंने कहा कि देश का ताज पहनना सिर्फ व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं की कहानियों और उनकी आकांक्षाओं को अपने साथ लेकर चलना है।

उन्होंने कहा, “मैं अकेली इस खिताब के योग्य नहीं हूं। सिर्फ मैं ही अंतिम विजेता नहीं हूं। मैं बस उन सभी कहानियों का प्रतिनिधित्व करने वाली हूं। मैं उनकी आवाज बुलंद करने वाली हूं।”

अपने सफर को याद करते हुए मेजो ने कहा कि सौंदर्य प्रतियोगिता उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, लेकिन जब उन्होंने कम उम्र में मिस यूनिवर्स बनने का सपना देखना शुरू किया था, तब उन्हें इसे जीतना “बिल्कुल असंभव” लगता था।

उन्होंने कहा कि इस सफर में डर और खुद पर संदेह के पल भी आए।

मेजो ने कहा, “मेरे पास कमजोरी के कई पल होते हैं क्योंकि मैं सिर्फ एक लड़की हूं। आखिरकार मैं भी एक सामान्य इंसान हूं।”

उन्होंने कहा, “जब आप किसी चीज के लिए इतना काम करते हैं कि हर बार आंखें बंद करने पर उसी का सपना देखते हैं, तो डर होना तय है। खुद पर संदेह होना भी तय है।”

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बारे में पूछे जाने पर मेजो ने कहा कि वह सिर्फ अपने राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश की विविधता का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं।

उन्होंने कहा, “मैं भारत के हर हिस्से का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं।”

मेजो ने बताया कि अलग-अलग राज्यों की प्रतियोगियों से मिलने पर उन्हें उनकी संस्कृतियों और परंपराओं के बारे में जानने का मौका मिला।

मेजो ने कहा, “जब मैं मिस यूनिवर्स में जाऊंगी तो इन सभी की कहानियां अपने साथ लेकर जाऊंगी, जो प्रतिभागियों ने मेरे साथ साझा की हैं।”

सौंदर्य प्रतियोगिता जीतने के बाद भी मेजो का सपना एक दिन वकील बनने का है।

उन्होंने कहा कि वह कानून के क्षेत्र में अपने सपने और सौंदर्य प्रतियोगिता के अपने करियर को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं मानतीं।

मिस यूनिवर्स इंडिया ने कहा, “मुझे कानून विषय बहुत पसंद है। मैं नौवीं कक्षा से ही वकील बनना चाहती हूं। मैं इस सपने को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हूं। मैं नहीं मानती कि आपको अपने सपनों में से किसी एक को चुनना जरूरी है। इसके बजाय, आप उन्हें एक साथ आगे बढ़ाकर एक-दूसरे को मजबूत करने का रास्ता चुन सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कानूनी शिक्षा का इस्तेमाल करूंगी और मुझे विश्वास है कि इस ताज के साथ भी मैं ऐसा कर सकती हूं।”

सुंदरता के बारे में अपने विचार बताते हुए मेजो ने कहा कि सुंदरता सिर्फ शारीरिक रूप से दिखने तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा, “मेरे विचार से सुंदरता इस बात में है कि जब लोग आपको देखते हैं तो उन्हें कैसा महसूस होता है। इंसान सिर्फ बाहरी रूप नहीं देखता, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और उसके द्वारा दिए गए एहसास को याद रखता है। “हम वास्तव में याद रखते हैं कि किसी व्यक्ति ने हमें कैसा महसूस कराया, न कि वह दिखने में कैसा था”

जयपुर में हुए खिताबी मुकाबले में 51 अन्य प्रतियोगियों के साथ मुकाबला करने के बाद मेजो ने मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का खिताब जीता।

तमिलनाडु की वैष्णवी गणेश को उपविजेता घोषित किया गया और गुजरात की अनुश्री सातवलेकर तीसरे स्थान पर रहीं।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र जोहेब

जोहेब