जम्मू, 10 जून (भाषा) जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बुधवार तड़के भीषण आग लगने से लगभग दो दर्जन झुग्गियां जलकर राख हो गयीं और कई प्रवासी मजदूर बेघर हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के चक गोटा इलाके में मग्गर खड़ के पास एक कबाड़खाने के समीप झुग्गियों में तड़के करीब चार बजे आग लग गई।
उन्होंने कहा कि चूंकि इन झोपड़ियों के निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल किया गया था जिसकी वजह से आग तेज़ी से फैल गई।
उन्होंने कहा कि अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझायी।
अधिकारियों ने कहा कि कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन प्रवासियों के कपड़े, बर्तन, तीन मोटरसाइकिल एवं अन्य जरूरी चीजें जलकर नष्ट हो गयीं। इन प्रवासियों में अधिकतर बिहार के कूड़ा बीनने वाले लोग हैं।
पीड़ितों में से एक अनीता देवी ने कहा, ‘‘जब आग लगी तो हम सो रहे थे। जब तक हमें पता चलता कि क्या हो रहा है, तब तक आग की लपटें तेज़ी से फैल चुकी थीं।’’
उन्होंने बताया कि लोग उनके परिवार के सभी सदस्यों को तो सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहे, लेकिन उनका सारा सामान जलकर राख हो गया।
उन्होंने कहा,‘‘पहने हुए कपड़ों के अलावा हमारे पास कुछ नहीं बचा है।’’
उन्होंने अपनी आजीविका को फिर से शुरू करने के लिए सरकारी मदद और समुदायिक सहयोग मांगा।
एक अन्य घटना में, राजौरी जिले में जंगल की आग के कारण केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास कई बारुदी सुरंग विस्फोट हुए।
अधिकारियों ने बताया कि सूखी वनस्पतियों में लगी आग फैलने के साथ ही जंगल वाले इलाके से ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर कड़ी नज़र रखी, जबकि आग बुझाने वाली टीम आग पर काबू पाने में जुटी रही।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में राजौरी, रियासी और उधमपुर ज़िलों के कई अन्य इलाकों से भी जंगल में आग लगने की खबरें हैं।
भाषा राजकुमार नरेश
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