रांची, 18 सितंबर (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को रांची जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वह राज्य की राजधानी के हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) इलाके में चल रहे अतिक्रमण-रोधी अभियान को 31 दिसंबर तक रोक दे।
न्यायमूर्ति आनंद सेन की अध्यक्षता वाली पीठ ने बेदखली का सामना कर रहे निवासियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन को निर्देश दिया कि वे 31 दिसंबर तक वहां बसे लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करें।
हालांकि अदालत ने वहां बसे लोगों को निर्देश दिया कि वे तय समय के भीतर खुद ही अतिक्रमण हटा लें।
पीठ ने कहा कि आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखते हुए, तुरंत की जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई को टाल दिया जाना चाहिए।
अदालत के निर्देश के बाद एचईसी बाईपास रोड पर चल रहे अतिक्रमण-रोधी अभियान को रोक दिया गया है।
जिला प्रशासन ने एचईसी और रेलवे की जमीन से कथित अवैध निर्माण हटाने के लिए मंगलवार को अभियान शुरू किया था।
पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेटों के साथ अधिकारियों की एक टीम इलाके में तोड़फोड़ और बेदखली की कार्यवाही कर रही थी।
इस अभियान के कारण उन स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिनके घर और प्रतिष्ठान चिह्नित क्षेत्र के दायरे में आ रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त पुनर्वास व्यवस्था के बिना बेदखली की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि वह प्रशासन को बेदखली की कार्रवाई रोकने का निर्देश दे। वकील ने निवासियों से संरचनाओं को हटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
मामला एचईसी बाईपास रोड के किनारे सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण से संबंधित है, जहां जिला प्रशासन ने हाल ही में निकासी अभियान शुरू किया था।
भाषा
सुरेश संतोष
संतोष